शिमला, 11 अक्टूबर । शिमला स्थित भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान में रविवार को पांच दिवसीय डायमंड जुबिली सप्ताह समारोह शुरू हुआ। 15 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन के पहले दिन इतिहास, भारतीय सभ्यतागत परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत पर केंद्रित कार्यक्रम हुए। भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. रघुवेंद्र तंवर ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के इतिहास पर विशेष व्याख्यान दिया। इसकी अध्यक्षता पद्मश्री कथक नृत्यांगना शोवना नारायण ने की।
राष्ट्रपति निवास स्थित संस्थान में समारोह की शुरुआत पुस्तक मेले के उद्घाटन से हुई। प्रो. रघुवेंद्र तंवर और प्रो. रीचा तंवर ने पुस्तक मेले का उद्घाटन किया। इसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों की पुस्तकें प्रदर्शित की गई हैं। मेला 15 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम सात बजे तक चलेगा। इसमें प्रवेश निःशुल्क है।
प्रो. तंवर के व्याख्यान का विषय ‘जम्मू-कश्मीर-लद्दाख का इतिहास: ऐतिहासिकता से जुड़े प्रश्न और घटनाओं का अवलोकन’ था। उन्होंने इन क्षेत्रों के इतिहास को समझने में ऐतिहासिक स्रोतों, साक्ष्यों और अलग-अलग कालखंडों के अध्ययन के महत्व पर विचार रखे। शोवना नारायण ने कहा कि इतिहास को समझने के लिए अतीत की घटनाओं के साथ उन सांस्कृतिक परंपराओं और अनुभवों को जानना भी जरूरी है, जिन्होंने वर्तमान को आकार दिया है।
समारोह में संस्थान के निदेशक प्रो. हिमांशु कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि डायमंड जुबिली सप्ताह संस्थान की अकादमिक यात्रा और शोध परंपरा को व्यापक समाज तक पहुंचाने का अवसर है। इस दौरान संस्थान के पूर्व अध्येता प्रो. रविंदर सिंह द्वारा संपादित पुस्तक ‘रीथिंकिंग हिस्ट्री ऑफ पंजाब इन द इंडियन सिविलाइजेशनल कॉन्टेक्स्ट’ का लोकार्पण भी किया गया। पुस्तक में पंजाब के इतिहास को भारतीय सभ्यतागत संदर्भ में समझने पर ध्यान दिया गया है।
कलाकार निशा जायसवाल की ‘भारतीय रूप, अभिव्यक्तियां और चेतना’ विषय पर आधारित कला प्रदर्शनी का उद्घाटन भी शोवना नारायण ने किया। यह प्रदर्शनी 15 अक्टूबर तक सुबह 11 बजे से शाम सात बजे तक निःशुल्क देखी जा सकती है।
कार्यक्रम में दुर्लभ पांडुलिपियों के डिजिटाइज्ड पुस्तकालय पोर्टल का उद्घाटन प्रो. रीचा तंवर ने किया। समारोह के तहत 12 अक्टूबर को प्रो. वसंत शिंदे पुरातात्त्विक दृष्टिकोण से भारतीय ज्ञान परंपरा के विकास और राखीगढ़ी पर व्याख्यान देंगे। 13 अक्टूबर को अखिलेश झा ‘वंदे मातरम्’ विषय पर व्याख्यान देंगे।