जींद : ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ा पीएचसी में डिलीवरी को लेकर विश्वास

जींद, 12 अक्टूबर । पीएचसी नगूरां ने जहां प्रदेश में सर्वोच्च कायाकल्प का पुरस्कार अपने नाम किया है, वहीं गर्भवती महिलाओं के डिलीवरी के मामले मेंं भी पीएचसी लोगों के दिलों मेंं जगह बनाती जा रही है। डिलीवरी के मामले में अगस्त तथा सितंबर महीने की बात करें तो डिलीवरी का आंकड़ा 25 के पार पहुंच चुका है।

ब्लाक समिति चेयरमेन राहुल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने नजदीकी डिलीवरी हट खोल कर नगूरां तथा आसपास गांव के लोगोंं को तोहफा देने का काम किया है। अब गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा के दौरान अपनी नजदीकी डिलीवरी केंद्र पर जाकर डिलीवरी कराने में आसानी होगी।

उनका कहना है कि नगूरां पीएचसी में डिलीवरियों के आंकड़े के साथ ही अन्य सुविधाओं में इजाफा होने से निकटवर्ती गांवों की गर्भवती महिलाओं तथा लोगों को ईलाज के लिए दूर दराज स्वास्थ्य केंद्रों का रूख नहीं करना पड़ेगा।

पीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होने से लोगों को पहले से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। वहीं गर्भवती महिलाओं को भी स्वास्थ्य देखभाल के लिए दूर के स्वास्थ्य केंद्रों पर नहीं भटकना पड़ेगा। नगूरां गांव की सरपंच मोनिका ने पीएचसी नगूरां पर डिलीवरी मामले मेंं आंकड़ों की बढोत्तरी का श्रेय कर्मचारियों की मेहनत को दिया है।

भारत सरकार द्वारा सुरक्षित प्रसव और गर्भवती महिलाओं की देखभाल के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के तहत सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज, मुफ्त दवाइयां, मुफ्त एम्बुलेंस और सीधे बैंक खाते में वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना में संस्थागत प्रसव तथा सरकारी अस्पताल में डिलीवरी को बढ़ावा देना है। इसके तहत डिलीवरी के बाद महिला के बैंक खाते में सीधी नकद राशि भेजी जाती है। इसमें डाक्टर द्वारा उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान कर विशेष देखभाल की जाती है। इसके लिए गर्भवती महिलाओं को अपने नजदीकी डिलीवरी हट पर प्रसव कराना चाहिए ताकि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ मिल सके।