झोटा हत्याकांड: शाह मांगेंगे रिपोर्ट, केजरीवाल ने पंजाब में नशे को लेकर उठाए सवाल

पंजाब नशा विरोधी एक्टिविस्ट हत्याकांड में केंद्र सरकार सक्रिय

पंजाब के मानसा में नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या का मामला अब केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस हत्या पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि झोटा की दिनदहाड़े हत्या हुई। पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। केंद्रीय गृह मंत्रालय दो बड़ी घटनाओं को लेकर पंजाब सरकार से जवाब मांगेगा।

अमित शाह के गंभीर आरोप, पंजाब सरकार पर सवाल

अमित शाह ने पूछा कि पंजाब की जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा। उन्होंने कहा कि जनता को प्रचार और घोषणाएं नहीं, बल्कि ठोस नतीजे चाहिए। शाह ने पंजाबी भाषा में भी ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि पंजाब में कई तरह के खतरे पैदा हो गए हैं। झोटा के पिता भीम सिंह ने AAP सरकार और विधायक विजय सिंगला पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने मानसा में नशा तस्करों को सरकारी संरक्षण देने का आरोप लगाया था। इस मामले में CBI जांच की मांग की ।

केजरीवाल का पलटवार, अदानी पोर्ट पर सवाल

अमित शाह के बयान पर AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने तीखा पलटवार किया। केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में नशा अदानी पोर्ट के रास्ते फैलाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि गैंगस्टर को संरक्षण देकर गैंगस्टरवाद फैलाया गया। केजरीवाल ने कहा कि 2007-2017 में चिट्टा पार्टी के साथ मिलकर नशा फैलाया गया। अब फिर उसी पार्टी के साथ मिलकर पंजाब में नशा बेचने की साजिश हो रही है। उन्होंने कहा कि जनता जानती है कि आपकी नजर पंजाब के पानी, पंजाब यूनिवर्सिटी और चंडीगढ़ पर है। पंजाब ये कभी नहीं होने देगा।

दो बड़े मामले जिनका जिक्र शाह ने किया

पहला मामला मानसा का है। 13 अक्टूबर को नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह उर्फ झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर दुकानदार अश्विनी कुमार से विवाद हुआ। गोलीबारी में झोटा को पेट में दो और जांघ में एक गोली लगी। अस्पताल में उनकी मौत हो गई। 14 अक्टूबर को पुलिस ने मुख्य आरोपी को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया। गुस्साए लोगों ने आरोपी की दुकान में आग लगा दी। 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान किया गया। मानसा सिटी-2 थाने की SHO बेअंत कौर को सस्पेंड कर दिया गया।

दूसरा मामला संगरूर जिले के तूरबंजारा गांव का है। 50 वर्षीय गुलजार सिंह ने 6 सितंबर 2026 को वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सामने चिट्टे की खुलेआम बिक्री और बेटे की नशे की लत का मुद्दा उठाया था। परिवार का आरोप है कि इसके बाद सरपंच और अन्य लोगों ने माफी मांगने का दबाव बनाया। 7 सितंबर को गुलजार सिंह ने जहर खा लिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 8 सितंबर को पुलिस ने सरपंच समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांगी है।

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