सुफा आतंकी मॉड्यूल से जुडे आरोपियों पर आरोप तय करने का आदेश बरकरार

जयपुर, 27 अक्टूबर । राजस्थान हाईकोर्ट ने आतंकी मॉड्यूल एसयूएफए से जुडे आरोपियों की अपीलों को खारिज करते हुए निचली अदालत की ओर से उनके खिलाफ आरोप तय करने के आदेश को बरकरार रखा है। सीजे संजय के. अग्रवाल और जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ ने यह आदेश मजहर खान व अन्य की ओर से दायर अपीलों पर दिए। हाईकोर्ट ने निचली अदालत को कहा है कि प्रकरण की सुनवाई में तेजी लाकर जल्दी फैसला किया जाए।

खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि आरोप तय करने के चरण में यह देखना होता है कि उपलब्ध सामग्री से आरोपी की संलिप्तता को लेकर गंभीर संदेह बनता है या नहीं। साक्ष्यों की सत्यता और विश्वसनीयता का परीक्षण ट्रायल में होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, लेकिन केवल गंभीर आरोप किसी को दोषी साबित नहीं करते।

मामले के अनुसार चित्तौडग़ढ़ जिले में निंबाहेड़ा सदर थाने की नाकाबंदी पार्टी ने 30 मार्च 2022 को वांडर चौराहे पर एक कार से करीब तीन किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की थी। कार से घडियां, बैटरियां, तार और बल्ब सहित अन्य सामान भी मिला था। इसके बाद विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के प्रावधान जोड़े गए। शुरुआत में स्थानीय पुलिस और उदयपुर एटीएस ने जांच की। वहीं बाद में केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर जांच एनआईए को सौंप दी गई। एनआईए ने आरोप पत्र में 11 आरोपियों को नामजद किया। गिरफ्तार आरोपियों में आमिन खान, मोहम्मद आमीन पटेल, सैफुल्ला, अल्तमिश खान, जुबेर खान, मोहम्मद यूनुस शकी, मजहर खान और इमरान खान को मध्यप्रदेश के रतलाम से, जबकि आकिफ अतीक नचन को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया था।

आरोपियों की ओर से अधिवक्ताओं ने दलील दी कि कई आरोपी घटना के समय कार में मौजूद नहीं थे और उनके पास से कोई अवैध सामग्री बरामद नहीं हुई। कॉल डिटेल, लोकेशन, कथित यात्रा टिकटों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से भी अपराध से उनका सीधा संबंध स्थापित नहीं होता। बचाव पक्ष ने आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री नहीं होने का तर्क देते हुए आरोपमुक्त करने की मांग की। वहीं एनआईए की ओर से कहा गया कि रतलाम में करीब 70 युवाओं ने सुफा नामक संगठन बनाया था। आरोप है कि युवाओं को आईएसआईएस से जुड़े वीडियो दिखाकर कट्टरपंथ की ओर प्रेरित किया जाता था। एजेंसी ने दावा किया कि 25 मार्च 2022 की गुप्त बैठक में आईईडी एकत्र कर जयपुर ले जाने और वहां आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रची गई थी। इस गतिविधि के वीडियो भी बरामद होने का दावा किया गया।