रैपिडो को बड़ी राहत, चंडीगढ़ STA ने बहाल किया लाइसेंस
चंडीगढ़ स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) ने रैपिडो को बड़ी राहत दी है। प्रशासन ने कंपनी का सस्पेंड लाइसेंस बहाल कर दिया है। सितंबर में नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस 6 महीने के लिए सस्पेंड किया गया था। इस फैसले से कंपनी और उससे जुड़े ड्राइवरों को राहत मिली है।
सस्पेंशन के कारण और आरोप
अथॉरिटी ने कंपनी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। इनमें तय किराया नियमों का पालन न करना शामिल है। तय दरों से अधिक किराया वसूलने का भी आरोप था। रजिस्टर्ड ऑफिस बंद मिलने की बात भी सामने आई। बिना कमर्शियल परमिट वाले वाहनों का इस्तेमाल भी आरोपों में शामिल था। इसके अलावा ड्राइवरों को हेल्थ इंश्योरेंस नहीं दिया गया। टर्म इंश्योरेंस और जरूरी ट्रेनिंग भी नहीं कराई गई। इन्हीं आरोपों के आधार पर लाइसेंस सस्पेंड किया गया था।
अपील और प्रशासन का फैसला
रैपिडो ने सस्पेंशन के खिलाफ अपील दायर की थी। कंपनी ने सेक्रेटरी ट्रांसपोर्ट एवं अपीलेट अथॉरिटी के समक्ष दलील दी। कंपनी ने कहा कि 6 महीने का सस्पेंशन बहुत सख्त कार्रवाई है। इससे करीब 30 हजार ड्राइवरों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। उनके परिवारों पर भी असर पड़ेगा। सेक्रेटरी दिप्रावा लाकरा (IAS) ने दोनों पक्षों की सुनवाई की। इसके बाद सस्पेंशन का आदेश रद्द कर दिया गया। लाइसेंस बहाल करने के निर्देश दिए गए।
फैसले के आधार और शर्तें
फैसले में कई पहलुओं पर विचार किया गया। सस्पेंशन की अवधि को सख्त कार्रवाई माना गया। आदेश जारी होने के बाद 45 दिन से अधिक समय बीत चुका था। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के दिशानिर्देशों में संशोधन की प्रक्रिया भी जारी है। इन आधारों पर लाइसेंस बहाल किया गया। कंपनी ने चंडीगढ़ प्रशासन के मोटर व्हीकल एग्रीगेटर नियम, 2025 का पूरी तरह पालन करने का आश्वासन दिया है। साथ ही अगले 2 महीने तक STA कंपनी के कामकाज पर नजर रखेगी। इस दौरान किराया दरों, ड्राइवरों के बीमा और रजिस्टर्ड ऑफिस के संचालन की जांच होगी। कंपनी को सभी शर्तों का पालन सुनिश्चित करना होगा। अधिक जानकारी के लिए MoRTH की वेबसाइट देख सकते हैं।