मानसा हत्याकांड: जांच तेज, सीबीआई और पुलिस मौके पर
मानसा में एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार जारी है। मेडिकल स्टोर मालिक अश्विनी कुमार की तोड़ी गई दुकान का मलबा हटाने का काम शुरू हो गया है। सीबीआई टीम और पुलिस अधिकारी जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में मलबा हटाया गया। पुलिस ने मलबा गिराने के मामले में 1000-1200 अज्ञात युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई जांच एजेंसियों की सक्रियता दर्शाती है। मामले में आरोपियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की जा रही है। पंजाब पुलिस और सीबीआई दोनों ही हिंसा फैलाने वालों की पहचान में जुटी हैं।
हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने झोटा हत्या मामले में पंजाब सरकार से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। अदालत ने सरकार को अब तक की कार्रवाई का पूरा ब्योरा पेश करने का निर्देश दिया है। यदि आरोपी के मकान गिराए गए हैं तो उनकी जानकारी और कानूनी प्रक्रिया का विवरण भी देने को कहा गया है। मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने सुनवाई की। यह सुनवाई स्वतः संज्ञान लेकर दायर जनहित याचिका और लाभ सिंह की याचिका पर हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बलतेज सिंह सिद्धू ने पक्ष रखा। अगली सुनवाई 15 दिसंबर को होगी।
तारीख वाइज घटनाक्रम
13 अक्टूबर 2026 को मानसा में झोटा की मेडिकल स्टोर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना में चार अन्य लोग घायल हुए थे। झोटा उस समय अश्विनी कुमार से प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री पर सवाल कर रहे थे। 14 अक्टूबर को आक्रोशित भीड़ ने मेडिकल स्टोर में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। प्रशासन ने अश्विनी के मकान का अगला हिस्सा भी गिराया। पुलिस ने अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया। बाद में उसकी पत्नी नीलम रानी, विपिन गर्ग और लाडी को भी आरोपी बनाया गया। 20 अक्टूबर को पंजाब सरकार ने जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने झोटा के परिवार से मुलाकात की।
सीबीआई जांच में तेजी
21 अक्टूबर 2026 को सीबीआई टीम रात करीब 12 बजे मानसा पहुंची। टीम ने स्थानीय पुलिस से केस की फाइलें और रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए। डीआईजी स्तर के अधिकारी की अगुवाई में जांच शुरू की गई। सीबीआई के साथ CFSL चंडीगढ़ की टीम ने घटनास्थल और तोड़े गए मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। दुकान के बाहर और आसपास से फोरेंसिक सैंपल लिए गए। जूते की दुकान पर भी जांच की गई जहां झोटा गोली लगने के बाद पहुंचे थे। दुकानदारों से पूछताछ हुई और DVR भी कब्जे में लिया गया। 22 अक्टूबर को सीबीआई ने चंडीगढ़ में नई एफआईआर दर्ज कर जांच औपचारिक रूप से अपने हाथ में ली। इसमें हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई गईं। सीबीआई ने झोटा के पिता भीम सिंह, पत्नी मनप्रीत कौर और मां अमरजीत कौर के बयान दर्ज किए। अश्विनी और विपिन के घरों की जांच की गई। 24-25 अक्टूबर को सीबीआई ने नशे की दवाओं की अवैध बिक्री के एंगल से तीन अन्य मेडिकल स्टोरों की भी जांच की।
अज्ञात शब्द का कानूनी महत्व
जब कोई बड़ी भीड़ किसी घटना को अंजाम देती है, तो पुलिस प्राथमिक रिपोर्ट में बड़ी संख्या में अज्ञात व्यक्तियों को नामजद करती है। इसका मतलब यह नहीं कि 1200 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है। झोटा हत्याकांड के बाद मानसा में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों के बाद लक्खा सिधाना समेत कई एक्टिविस्टों पर अलग से केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस टीमों पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तारियां भी की गई हैं। मामले की जांच अब सीबीआई के पास है। स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां दोनों हिंसा फैलाने वाले चेहरों की पहचान में जुटी हैं। जांच में तेजी आने की उम्मीद है।
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