पंजाब में सात ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई, आआपा विधायक के आवास पर छापेमारी

मोगा, 04 नवंबर । पंजाब में आम आदमी पार्टी की विधायक और पार्टी की महिला इकाई की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के दो आवासों पर बुधवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की। यह कार्रवाई मोगा जिले में सरकारी जमीन के कथित फर्जी अधिग्रहण और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े मामले में की गई। ईडी की टीमों ने पंजाब में कुल सात ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

ईडी की टीमें सुबह करीब छह बजे विधायक के आवासों पर पहुंचीं। छापेमारी के समय विधायक अपने घर पर मौजूद थीं और ईडी अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। दिल्ली और चंडीगढ़ से आई ईडी की टीमों ने विधायक अमनदीप कौर अरोड़ा, उनके पति डॉ. राकेश अरोड़ा, परिवार के सदस्यों और अन्य सहयोगियों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें डॉ. राकेश अरोड़ा से जुड़ा एक नशा मुक्ति अस्पताल भी शामिल है।

ईडी अधिकारियों के अनुसार यह जांच जून, 2024 में पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज एक मामले के आधार पर शुरू की गई है। मामला राष्ट्रीय राजमार्ग 754ए के निर्माण के लिए अधिग्रहित सरकारी जमीन के फर्जी इंतकाल और गलत तरीके से मुआवजा जारी करने से संबंधित है।

शिकायत के मुताबिक मोगा जिले की धर्मकोट तहसील के गांव अदरामन में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहित की गई थी। इस दौरान कुछ खसरा नंबरों के आधार पर दिलखुश कुमारी नामक महिला को 1 करोड़ 65 हजार 724 रुपये का मुआवजा जारी किया गया। बाद में हुई जांच में सामने आया कि संबंधित जमीन पंजाब सरकार की थी। आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी करके फर्जी इंतकाल दर्ज किया गया और मुआवजे की राशि गलत तरीके से हासिल की गई।

मोहाली स्थित फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की जांच में कथित तौर पर तत्कालीन तहसीलदार के हस्ताक्षर फर्जी पाए गए। इसके अलावा राजस्व रिकॉर्ड में 6 कनाल 18 मरला अतिरिक्त जमीन भी शामिल करने की बात सामने आई। इस मामले में 16 जून, 2024 को धर्मकोट पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसमें किशनपुरा कलां राजस्व क्षेत्र के पटवारी नवदीप सिंह और निजी लाभार्थी दिलखुश कुमारी को नामजद किया गया था।

मूल प्राथमिकी में विधायक अमनदीप कौर अरोड़ा या उनके परिवार के किसी सदस्य का नाम दर्ज नहीं है। हालांकि, ईडी अब इस मामले में उनसे जुड़े ठिकानों की जांच कर रही है। छापेमारी की जानकारी मिलने के बाद विधायक के समर्थक उनके आवास के बाहर एकत्र हो गए और केंद्र सरकार तथा भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की।

विधायक के करीबी सहयोगी जगदेव सिंह ने आरोप लगाया कि अमनदीप कौर अरोड़ा का इस मामले से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। स्थानीय आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी छापेमारी को राजनीति से प्रेरित बताया।

गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए अमनदीप कौर अरोड़ा को मोगा विधानसभा क्षेत्र से दोबारा उम्मीदवार घोषित किया है।