जानें: पोस्टमॉर्टम: 5 डॉक्टर, SDM निगरानी; पिता का SSP अनशन

मानसा में नशा विरोधी आंदोलन तेज

पंजाब के मानसा में नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या के बाद सियासी और सामाजिक सरगर्मी बढ़ गई है। उनके पिता भीम सिंह ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। यह घटना राज्य में नशे के खिलाफ चल रही बहस को और गरमा गई है। परिवार न्याय और जवाबदेही की मांग पर अडिग है।

SSP को हटाने की मुख्य मांग

भीम सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि मंत्री गुरमीत खुड्डियां और स्पीकर कुलतार सिंह संधवां से हुई मीटिंग के वादे के मुताबिक मानसा के SSP वैभव चौधरी को तुरंत हटाया जाए। उनका तर्क है कि अगर SSP ने नशे पर सख्त कार्रवाई की होती तो उनके बेटे की हत्या नहीं होती। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक SSP नहीं हटते, वे अन्न का एक दाना भी नहीं खाएंगे। उन्होंने कहा कि चाहे उनकी जान भी चली जाए, वे अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे।

पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार पर अनिश्चितता

उधर, चंडीगढ़ के PGI अस्पताल में परविंदर झोटा के शव का पोस्टमॉर्टम शुरू हो गया है। इस दौरान अस्पताल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। उनका शव गुरुवार रात 12 बजे मानसा से चंडीगढ़ भेजा गया था। भीम सिंह ने कहा कि अगर पोस्टमॉर्टम समय पर पूरा हो गया और शव मिल गया तो आज ही संस्कार कर दिए जाएंगे। वरना अंतिम संस्कार कल किया जाएगा। इस मामले में प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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