डीआरआई अधिकारियों ने जब दोनों यात्रियों के बैगों की तलाशी ली तो कपड़ों की परतों के बीच छिपे 44 पैकेट हाइड्रोपोनिक वीड मिले। एक यात्री से 23.94 किलो और दूसरे से 23.76 किलो गांजा बरामद किया गया। यह पूरी खेप जब्त कर ली गई और दोनों को एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत गिरफ्तार किया गया।
डीआरआई के अनुसार, यह अमृतसर हवाई अड्डे पर अब तक की सबसे बड़ी एनडीपीएस जब्ती है। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह खेप बैंकॉक से सिंगापुर होते हुए भारत लाई गई थी। तस्करों ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भ्रमित करने के लिए इस नए रास्ते का इस्तेमाल किया ताकि खुफिया निगरानी से बचा जा सके।
नई तस्करी तकनीक का हुआ खुलासा
डीआरआई अधिकारियों ने बताया कि हाइड्रोपोनिक वीड की यह तस्करी एक नई ‘मोडस ऑपरेंडी’ के तहत की जा रही थी। अब तक अधिकतर मामले सीधे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से जुड़े थे, लेकिन इस बार सिंगापुर को ट्रांजिट पॉइंट बनाकर ड्रग्स भेजी गईं। इससे यह स्पष्ट होता है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क अब भारत में तस्करी के नए रास्ते तलाशने में जुटा है।