बैठक के दौरान संजय कुमार ने स्कूल शिक्षा ढांचे को मजबूत करने और ड्रॉपआउट दर में कमी लाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा मॉडल ऐसा विकसित किया जाए कि विद्यार्थी पहली कक्षा में प्रवेश लेकर सीधे 12वीं कक्षा तक बिना रुकावट अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। बैठक में सभी राज्यों के स्कूल शिक्षा शासन सचिव और राज्य परियोजना निदेशक उपस्थित रहे।
राजस्थान की ओर से शासन सचिव, स्कूल शिक्षा, कृष्ण कुणाल ने राज्य में हो रहे शैक्षिक सुधारों और उपलब्धियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में राजस्थान में डिजिटल एजुकेशन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि निजी विद्यालयों की तर्ज पर अब राजकीय विद्यालयों में भी नया शैक्षणिक सत्र 1 जुलाई के स्थान पर 1 अप्रैल से प्रारंभ किया जा रहा है, जो निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण नवाचार है।
कुणाल ने शिक्षा मंत्रालय के समक्ष प्रदेश की शिक्षा पद्धति में हुए नवाचारों, सुधारों, निर्माण कार्यों एवं वित्तीय प्रक्रियाओं की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। बैठक में राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त अनुपमा जोरवाल, वित्तीय सलाहकार अनुपमा शर्मा, अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक (प्रथम) सीमा शर्मा, अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक (द्वितीय) अशोक कुमार मीणा, उपायुक्त सुमन देवी, मनीषा, संतोष कुमार मीणा, निधि सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।