भक्ति से शुरुआत, भावनाओं से भरा मंच
अक्षरा सिंह ने मंच पर आते ही शिव स्तुति और हनुमान भजन के साथ कार्यक्रम का दिव्य प्रारंभ किया। उनके सुरों की अनुगूँज से पूरे परिसर में आध्यात्मिकता और शांति का अद्भुत संगम नजर आया। देवी गीतों की श्रृंखला ने लोधेश्वर महादेव की भूमि को भक्ति रस से भर दिया।हजारों श्रोताओं में बैठी महिलाएँ, युवा, बुजुर्ग—सबकी भावनाओं में एक अनोखी ऊर्जा थी, जिसकी चमक उनके उत्साह में साफ दिखाई दे रही थी।
सुपरहिट गीतों ने बढ़ाया जोश, झूम उठा पंडाल
जैसे ही अक्षरा ने अपनी लोकगीत और फोक स्टाइल की लोकप्रिय धुनों का सिलसिला शुरू किया, महोत्सव में उत्साह चरम पर पहुँच गया।
“तू लौंग मैं लाची”, “तेरे पीछे आ गवाची” और “बाली करके इशारा बुलावे सजना” जैसे गीतों पर पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सबसे ज्यादा उत्साह तब देखने को मिला जब उन्होंने अपना सुपरहिट गीत “सइयां जी के वेट से बुलेट करे ठांय-ठांय” गाया। पूरे मंच के सामने लोग नाचते, मोबाइल फ्लैश ऑन करते और संगीत की धुनों पर थिरकते रहे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर किसी के चेहरे पर खुशी छलक रही थी।
सह-कलाकारों ने भरा ऊर्जा का रंग, दर्शकों ने खूब सराहा
मंच पर उनके साथ जुड़े नृत्य कलाकार—अंकुर सिंह, आयुष राजपूत, हेमंत, अरुण, माही शर्मा, रोहित, वर्तिका सिंह, तनु सिंह, निशा कुमारी और आराध्या—ने ऊर्जा से भरपूर प्रस्तुति देकर माहौल को और जीवंत बना दिया। वहीं गायक अलबेला की मौजूदगी और इवेंट टीम से मनमीत सिंह, विशाल सिंह और अंकुर ने प्रस्तुति को और भी मनोरंजक व दिलकश बना दिया।
दर्शकों का प्रेम बना कार्यक्रम की सबसे बड़ी ताकत
कार्यक्रम में दर्शकों की भीड़ इतनी बढ़ गई कि पंडाल भरने के बाद लोग बाहर खड़े होकर भी गीतों का आनंद लेते रहे। कई परिवार बच्चों के साथ देर रात तक कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे। सुर, ताल और रोशनी के इस मनोरम संगम ने महोत्सव की रात को एक यादगार उत्सव में बदल दिया।
दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व विधायक शरद अवस्थी, एसडीएम गुंजिता अग्रवाल, तहसीलदार विपुल सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके उपरांत मोमेंटो भेंट किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता आशीष पाठक ने किया।