डॉ. सन्नी शुक्ला ने छत्तर सिंह ठाकुर को कड़ी नसीहत देते हुए कहा कि युवा कांग्रेस को राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद की गरिमा का सम्मान करना चाहिए और निराधार बयानबाजी से बचना चाहिए। उन्होंने युवा कांग्रेस के आरोपों को सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार की तीन साल की विफलताओं से ध्यान भटकाने का प्रयास मात्र बताया।
भाजयुमो अध्यक्ष सन्नी शुक्ला ने युवा कांग्रेस को ललकारते हुए कहा कि राजभवन पर उंगली उठाने के बजाय, उन्हें अपनी ही सरकार से युवाओं के लिए किए गए वादों पर हिसाब मांगना चाहिए। उन्होंने सीधा सवाल किया कि कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए तीन साल हो चुके हैं, लेकिन यह सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल रही है। चुनाव से पहले कांग्रेस ने पहली कैबिनेट में एक लाख पक्की नौकरियां देने की जो प्रमुख ‘गारंटी’ दी थी, उस पर युवा कांग्रेस अध्यक्ष बताएं कि उनकी सरकार ने वास्तव में कितनी पक्की नौकरियां दी हैं। सन्नी शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के बजाय, आउटसोर्स पर लगे युवाओं की नौकरियां छीनने का काम शुरू कर दिया है।
डॉक्टर सन्नी शुक्ला ने जोर देकर कहा कि अगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष छत्तर सिंह ठाकुर वास्तव में युवाओं के प्रतिनिधि हैं, तो उन्हें राजभवन पर बयानबाजी करने की बजाय, राज्य में सत्तारूढ़ मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के समक्ष जनता और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि युवा कांग्रेस ने इन तीन सालों में कितनी बार सचिवालय के बाहर युवाओं व जनता के मुद्दों पर अपनी ही सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए और बेरोज़गार युवाओं की आवाज़ को बुलंद किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र बचाने की लड़ाई संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने से नहीं, बल्कि अपने वादे पूरे न करने वाली सरकार से जवाब मांगने और युवाओं के हक़ के लिए लड़ने से जीती जाएगी। उन्होंने युवा कांग्रेस से तत्काल अपनी सरकार से एक लाख नौकरियों, बेरोजगारी और अन्य चुनावी वादों पर कार्रवाई की मांग करने को कहा।