फरीदकोट: MPHW परीक्षा में ब्लूटूथ नकल, 2 गिरफ्तार

घटना का संक्षेप

फरीदकोट में थाना सिटी पुलिस ने भर्ती घोटाले का पर्दाफाश किया। यह मामला मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर मेल पदों की भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। यह भर्ती राज्य स्वास्थ्य विभाग के लिए है और केंद्र सरकार की योजना से नहीं जुड़ा। आरोपी विक्रम सिंह और उसका साथी कुलदीप सिंह हैं, जिसकी पहचान मिली है। वे हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गाजूवाला गांव के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है। साथी ने ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए विक्रम को पेपर हल करवाने में मदद की थी। घटना के समय परीक्षा केंद्र बाबा फरीद पब्लिक स्कूल में था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर आरोपी को काबू कर लिया।

परीक्षा आयोजन और गिरफ्तारी

राज्य सरकार ने मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर भर्ती के लिए परीक्षा एक दिन पहले करवाई थी। फरीदकोट के विभिन्न स्कूलों में लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा बाबा फरीद पब्लिक स्कूल परिसर में हल करवाने की सूचना मिली है। केंद्र के स्टाफ ने विक्रम को पेपर हल करते हुए पकड़ लिया। केंद्र के अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई कर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। डिवाइस के जरिए पेपर हल करवाने के प्रयास की पुष्टि प्राथमिक जानकारी बताती है। पुलिस ने केंद्र के बाहर मौजूद सहयोगी कुलदीप सिंह को भी गिरफ्तार किया। कुलदीप उसी गांव का निवासी है और नकल कराने में उसकी भूमिका थी। यह गिरफ्तारी परीक्षा केंद्र के बाहर से हुई।

जाँच और रिमांड

रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है, पुलिस यह कहती है। एसएचओ राजवंत सिंह ने बताया कि केस दर्ज के बाद गिरफ्तारी हुई। सोमवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया और रिमांड लिया गया। जांच के दौर में उनके मोबाइल भी जब्त कर लिए गए। पुलिस ने आगे की पूछताछ के लिए तकनीकी मदद लेने की बात कही। उपलब्ध सबूतों के आधार पर कड़ी कार्रवाई होगी। हथकड़ी और लैपटॉप समेत अन्य उपकरणों की भी जाँच की जाएगी। फरार आरोपी के ठिकाने के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपियों के मोबाइल से सोशल मीडिया और कॉल डेटा की भी जाँच होगी。

नैतिकता और सुरक्षा के उपाय

यह मामला शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़ा अहम सवाल बन गया है। नकल रोकथाम के लिए स्कूलों में सख्त सतर्कता और निगरानी जरूरी है। प्रशासन ने ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही है। पुलिस ने कहा कि परीक्षा केन्द्रों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग ने उच्चस्तरीय जांच की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। डिजिटल फोरेंसिक टीम से जाँच में सहयोग लिया जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाओं पर कठोर कानूनी कार्रवाई होगी। यह घटनाएं भर्ती की शुद्धता पर प्रश्न उठाती हैं।

आगे की कार्रवाई और अपडेट

फरीदकोट के स्वास्थ्य भर्ती मामले की ओर अपडेट के लिए जुड़े रहें। यह खबर मल्टीपर्पज हेल्थ वर्कर भर्ती 2024 के संदर्भ में है। नकल की रोकथाम के लिए नीति और सरकारी कदमों पर निगरानी जरूरी है। हमें उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ेगी। अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक देखें: पंजाब पुलिस वेबसाइट और स्वास्थ्य विभाग भर्ती नियम.

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