फतेहगढ़ साहिब। सिख इतिहास की महान विरासत को समर्पित शहीदी सभा को लेकर फतेहगढ़ साहिब में श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या करीब 50 लाख तक पहुँचने का अनुमान है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, गुरुद्वारा प्रबंधक समितियाँ और स्वयंसेवी संगठन व्यापक स्तर पर तैयारियों में जुटे हुए हैं।
शहीदी सभा गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों साहिबज़ादा जोरावर सिंह जी और साहिबज़ादा फतेह सिंह जी और माता गुजरी जी की शहादत की स्मृति में आयोजित की जाती है। इस अवसर पर संगतें गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब, गुरुद्वारा ज्योति सरूप साहिब सहित अन्य ऐतिहासिक स्थलों पर मत्था टेकने पहुँचती हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है। हजारों पुलिसकर्मियों, होमगार्ड और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी और एकीकृत कंट्रोल रूम से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीमें तैनात रहेंगी।
यातायात और पार्किंग व्यवस्था
शहर में यातायात को सुचारू रखने के लिए रूट डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। बाहरी इलाकों में अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहाँ से श्रद्धालुओं को शटल बसों के माध्यम से गुरुद्वारों तक पहुँचाया जाएगा। भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।
स्वास्थ्य सेवाएँ और आपात प्रबंधन
ठंड और भीड़ को देखते हुए विशेष मेडिकल कैंप, एंबुलेंस सेवाएँ और प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए गए हैं। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीमें 24 घंटे तैनात रहेंगी। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार श्रद्धालुओं के लिए विशेष सहायता व्यवस्था की गई है।
लंगर, ठहराव और स्वच्छता
गुरुद्वारों और विभिन्न संगतों की ओर से विशाल स्तर पर लंगर की व्यवस्था की गई है, जहाँ लाखों श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार किया जाएगा। ठहरने के लिए सरायों, स्कूलों और अस्थायी रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है। साथ ही, मोबाइल शौचालय, पेयजल स्टॉल और नियमित सफाई के विशेष इंतज़ाम किए गए हैं।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें, स्वयंसेवकों और सुरक्षा कर्मियों के निर्देश मानें तथा किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन ने विश्वास जताया है कि संगतों के सहयोग से शहीदी सभा शांतिपूर्ण और श्रद्धापूर्ण माहौल में संपन्न होगी।
शहीदी सभा न केवल आस्था का पर्व है, बल्कि यह सिख इतिहास, बलिदान और मानवता की सेवा की परंपरा को भी जीवंत करती है। फतेहगढ़ साहिब एक बार फिर श्रद्धा, सेवा और समर्पण का केंद्र बनने जा रहा है।
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