चंडीगढ़ में गैंगवार का नया मोड़
चंडीगढ़ में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और बंबीहा गैंग से जुड़े फिरौती के केस सामने आए। अब पहली बार इन गैंग की एंट्री से पुलिस की चुनौती बढ़ी है। शहर की अंडरवर्ल्ड तस्वीर पहले से ज्यादा गम्भीर दिख रही है। यह संकेत दे रहा है कि गैंग के बीच सत्ता की लड़ाई चंडीगढ़ तक फैल चुकी है। अभी सेक्टर-18 के एक शराब कारोबारी को एक करोड़ की फिरौती कॉल मिली है। कॉल में डोनी बल का नाम सामने आया है, जो बंबीहा गैंग से जुड़ा माना जाता है। चंडीगढ़ में इसके विरुद्ध 39 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
क्लबों से शुरू हुआ दबाव, व्यापारी तक पहुंची धमकी
27 नवंबर 2024 को सेक्टर-26 के बाहर दो क्लबों पर बम फेंके गए। सेविले बार एंड लाउंज और डि’ओरा क्लब वही थे। बम से क्लबों के शीशे टूट गए थे। लॉरेंस गैंग ने धमाकों की जिम्मेदारी ली थी। क्लब मालिकों से सुरक्षा राशि मांगी गई थी। सोशल मीडिया पर गोल्डी बराड़ ने पोस्ट डालकर दावा किया कि मांग नज़रअंदाज की गई। पोस्ट तुरंत हटा दी गई; फिर पुलिस स्रोत की जांच कर रही है।
फिरौती के खिलाफ व्यापारी भी हुए निशाने पर
सेक्टर-18 के व्यापारी तनिष भट को धमकी भरे व्हाट्सएप कॉल मिले थे। कॉल करने वाला खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सचिन बताता था। कॉल के दौरान बार-बार मारने की धमकी दी गई। मार्च में जीरकपुर जाते समय बदमाशों ने ड्राइवर के कनपटी पर पिस्तौल तानी और 40 लाख मांगे। जीरकपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। सेक्टर-52 के सतनाम कौर के मुताबिक उनके बेटे के टैक्सी बिजनेस से रंगदारी मांगी गई थी। गुर्गो में मुन्ना तरबेज, राशिद, साजिद, सोमा, राहुल शामिल थे। यह सबके विरुद्ध पुलिस ने केस दर्ज किया है। पहले क्लब मालिक, अब व्यापारी निशाने पर।
गंभीर संकेत और पुलिस की रणनीति
इन घटनाओं से चंडीगढ़ में गैंगवार की धार तेज हो गई है। पुलिस ने कॉल ट्रेसिंग और डिजिटल फोरेंसिक पर जोर दिया है। संघर्ष अब क्लबों से व्यापारिक गतिविधियों तक पहुंच गया है। इससे गैंग नेटवर्क पर रोक लगाने की मांग बढ़ेगी। यह मामला चंडीगढ़ के सेक्टर 18, 26 और 52 में उभर रहा है। आगे सुरक्षा बढ़ाकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। साथ ही नेटवर्क के कुर्सी-संरचनात्मक रूप से गहरे लिंक को पहचानना जरूरी है ताकि भविष्य में फैलाव रोका जा सके।
Related: सुखबीर का ऐलान: सड़क से कोर्ट तक लड़ेंगे, बोले—एसएसपी भी जेल जाएगा