एआप-कांग्रेस गठबंधन की साफ़ सफ़ाई, कोर्ट ने खारिज किए आरोप

बाघापुराना ब्लॉक समिति में दोबारा हुए चुनाव

पंजाब के मोगा जिले में बाघापुराना ब्लॉक समिति के पदों के लिए दोबारा चुनाव हुए। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश पर यह चुनाव कराए गए। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन को इस चुनाव में सफलता मिली।

हाई कोर्ट ने दिए दोबारा चुनाव के आदेश

बाघापुराना ब्लॉक समिति के पहले चुनाव 17 मार्च को हुए थे। अकाली दल और कांग्रेस ने गड़बड़ी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके सदस्यों को वोट डालने से रोका गया। इसके बाद शिरोमणि अकाली दल ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। एक एसडीएम के पत्र ने भी विवाद को बढ़ाया। इन आरोपों के बाद हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप किया। कोर्ट ने 28 मार्च को दोबारा चुनाव कराने का आदेश दिया।

आप-कांग्रेस गठबंधन को मिली जीत

हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए नए चुनाव हुए। इसमें आम आदमी पार्टी की सरबजीत कौर चेयरमैन चुनी गईं। कांग्रेस पार्टी की चरणजीत कौर उपाध्यक्ष (वाइस चेयरमैन) बनीं। गठबंधन को 14 सदस्यों का समर्थन प्राप्त हुआ। चुनाव सर्वसम्मति से पूरा हुआ। विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद ने इस जीत की पुष्टि की।

विपक्ष के आरोप खारिज हुए

विधायक ने कहा कि पहले चुनाव में भी यही परिणाम था। विपक्ष के आरोप अब पूरी तरह से झूठ साबित हो गए। हाई कोर्ट के निर्देश पर हुए नए मतदान में भी गठबंधन की जीत हुई। उन्होंने पहले चुनाव में गुंडागर्दी के आरोपों की जांच की मांग भी की। पंजाब की राजनीतिक व्यवस्था में यह मामला महत्वपूर्ण है।

निष्पक्ष प्रशासनिक निगरानी में मतदान

जिला प्रशासन की निगरानी में यह चुनाव संपन्न हुआ। प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया गया। इससे स्थानीय प्रशासनिक ढांचे में स्थिरता आने की उम्मीद है। बाघापुराना ब्लॉक समिति अब नए नेतृत्व के साथ काम करेगी। यह घटना न्यायिक हस्तक्षेप की महत्ता दर्शाती है।
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