राज्य गठन की 25वीं वर्षगांठ पर ‘एक शाम शहीदों के नाम’ आयोजित, रहा भावनात्मक माहौल

इस दौरान अनेक आंदोलनकारियों, अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में बेहद भावनात्मक माहौल में ‘गिरदा’ की पंक्तियों “उत्तराखंड मेरी मातृभूमि” का गायन किया गया और शहीदों के सम्मान में मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस अवसर पर धवक्ता त्रिभुवन सिंह फर्त्याल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राज्य आंदोलन की गाथा का स्मरण कराया और समस्त राज्यवासियों को आंदोलन की भावना से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने राज्य स्थापना की बधाई भी दी। वरिष्ठ आंदोलनकारी कंचन चंदोला ने पलायन की गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह राज्य के लिए बड़ी चुनौती है। अधिवक्ता विनोद तिवारी ने प्राकृतिक संसाधनों से हो रही छेड़छाड़ पर चिंता जताई और इनके संरक्षण का आग्रह किया। राजीव पाठक ने आंदोलन के समय के वातावरण का चित्रण किया, जबकि उत्तराखंड उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दुर्गा सिंह मेहता ने आंदोलनकारियों के त्याग व बलिदान की गाथा का उल्लेख किया।

इस अवसर पर जिला शासकीय अधिवक्ता-फौजदारी सुशील शर्मा, पूरन सिंह, अधिवक्ता कैलाश जोशी व सुशील कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अविदित नौलियाल ने किया।