जयपुर, 13 जनवरी । त्योहारों के सीजन में आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से सजे होते हैं, लेकिन मेट्रो रूट के आसपास रहने वाले लोगों के लिए यह शौक भारी पड़ सकता है। मेट्रो की ओवरहेड बिजली लाइनों (OHE) में फंसी पतंग और उसकी डोर (खासकर चीनी या मैटेलिक मांझा) बड़े हादसों का कारण बन सकती है।
यह जानलेवा क्यों है?
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हाई वोल्टेज करंट: मेट्रो की ऊपर से गुजरने वाली तारों में 25,000 वोल्ट (25 KV) का करंट दौड़ता है। यदि पतंग की डोर इन तारों को छू लेती है, तो डोर के माध्यम से करंट सीधे पतंग उड़ाने वाले व्यक्ति के शरीर तक पहुँच सकता है, जिससे तत्काल मृत्यु हो सकती है।
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मेट्रो परिचालन में बाधा: यदि मांझा मेट्रो की तारों में फंसकर ‘शॉर्ट सर्किट’ करता है, तो पूरी मेट्रो सेवा ठप हो सकती है, जिससे हजारों यात्री प्रभावित होते हैं।
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चीनी मांझे का खतरा: मैटेलिक या चीनी मांझा बिजली का सुचालक (Conductor) होता है, जो बिजली के झटके के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है।
कानूनी कार्रवाई
मेट्रो रेलवे एक्ट के तहत मेट्रो परिसर या ट्रैक के पास ऐसी गतिविधियां करना दंडनीय अपराध है। इसके लिए भारी जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खुले मैदानों में ही पतंग उड़ाएं और मेट्रो रूट से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।