स्पेशल सेशन की पृष्ठभूमि और आज की शुरुआत
पंजाब विधानसभा ने केंद्र सरकार के मनरेगा नाम परिवर्तन के प्रस्ताव पर स्पेशल सेशन बुलाया है। यह सेशन आज शुरू हो चुका है और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। विधानसभा की शुरुआत गुरु गोबिंद सिंह के चार साहिबजादों की शहादत को श्रद्धांजलि से हुई। श्रद्धांजलि के तुरंत बाद सत्र दोपहर 12.25 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। सेशन के आरम्भिक क्षणों में कई सांसदों ने संतुलित भाषा में विचार रखे। भाजपा विधायक अश्वनी शर्मा ने शहादत पर बोलना चाहा, पर उनके सिर ढके नहीं थे। स्पीकर कुलतार संधवा ने उनका ध्यान आकर्षित किया कि बोलते समय सिर ढका रहे। शर्मा ने फिर से भाषण दिया और सिर पर रूमाल रखकर सदन को संबोधित किया। यह क्रम सेशन की गरिमा और अनुशीलता को दर्शाता है।
मनरेगा के नाम परिवर्तन पर प्रस्ताव और दिशा
सेशन के अंत तक मनरेगा के नाम परिवर्तन पर प्रस्ताव रखा जाएगा। यह बहस 60:40 फंडिंग से हटकर 100% केंद्रीय वित्त पोषण की मांग से जुड़ी है। इसका उद्देश्य केंद्र की वित्तीय भूमिका को मजबूत बनाना है और राज्य पर निर्भरता घटाना माना जा रहा है। 100% केंद्रीय वित्त पोषण से राज्यों पर पड़ने वाला आर्थिक दबाव कम होगा। 100 दिन के रोजगार के अधिकार को बनाए रखना भी प्रमुख बिंदु रहेगा। विधायक मानते हैं कि केंद्र की भूमिका ग्रामीण रोजगार योजना में अधिक होनी चाहिए। पंजाब सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव खुली बहस के बाद तय होगा। विपक्षी दल इसे केंद्र द्वारा ग्रामीण रेलवे और ग्रामीण विकास योजनाओं पर नियंत्रण बढ़ाने का कदम मान रहे हैं। कुछ सदस्य इसे वित्तीय विवेक पर आधारित बहस बताते हैं, तो कुछ इसे नीतिगत बदलाव के रूप में देखते हैं।
संवेदनशीलता और सेशन का आचार संहिता सुझाव
इस दौरान सेशन में गरिमा बनाये रखने की कोशिश साफ दिखी। स्पीकर ने आचार संहिता का सम्मान करने की बात फिर से दोहराई। भाषणों में गम्भीरता और राजनीतिक संकेत स्पष्ट दिखे। सेशन के दौरान अनुशासन बनाए रखना सभी के हित में माना गया। कुछ सदस्य कहते हैं कि अलग से राजनीतिक बयानबाजी नहीं चलेगी और तथ्यपरक चर्चा होनी चाहिए। विपक्ष ने भी उचित शैली में चर्चा की मांग की। यह सेशन पंजाब के ग्रामीण विकास पर एक नई दिशा तय करेगा।
आगे के चरण और लाइव अपडेट
सेशन के अंत तक मनरेगा पर प्रस्ताव पेश किया जाएगा। केंद्र के वित्तीय योगदान के साथ रोजगार गारंटी की धारणा पर बहस तेज होगी। यह बहस राज्य सरकार के वित्तीय दायित्वों को प्रभावित कर सकती है। बड़े अपडेट्स के लिए लाइव कवरेज बनाए रखा जाएगा।