मजीठिया मामले में करीबी को जमानत
पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया के आय से अधिक संपत्ति मामले में एक और राहत मिली है। मोहाली की अदालत ने उनके करीबी हरप्रीत सिंह गुलाटी को जमानत दे दी। अदालत ने गुलाटी को एक लाख रुपये के पर्सनल बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया। साथ ही यह शर्त भी लगाई गई है।
वकील ने दी यह दलील
गुलाटी के वकील चरणजीत सिंह बख्शी ने अदालत में दलील दी। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल को गलत तरीके से फंसाया गया है। गुलाटी ने जांच में पूरा सहयोग दिया था। उन्होंने सभी जरूरी वित्तीय रिकॉर्ड एजेंसियों को उपलब्ध कराए थे। इसके बावजूद उन्हें आरोपी बना दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला
वकील ने अपनी दलीलों को मजबूत करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला दिया। इनमें पीठाम्बरन बनाम केरल राज्य का मामला शामिल था। साथ ही जोगिंदर कुमार बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के फैसले का भी जिक्र किया। इन फैसलों में गिरफ्तारी के मानदंडों पर विस्तार से बताया गया है।
अदालत ने दिया जमानत का आदेश
सभी दलीलों पर सुनवाई के बाद अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने हरप्रीत सिंह गुलाटी की जमानत याचिका को मंजूर कर लिया। यह आदेश मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आया है। इससे पूर्व मंत्री के समर्थकों को काफी राहत मिली है।
मामले की पृष्ठभूमि
बिक्रमजीत सिंह मजीठिया पर आय से अधिक संपत्ति जमा करने का आरोप है। यह मामला पंजाब राज्य में काफी चर्चा में रहा है। आप यहाँ भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 438 के बारे में अधिक जान सकते हैं। जमानत से जुड़े कानूनी पहलुओं के लिए यह लिंक देख सकते हैं।
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