प्रयागराज, 07 नवम्बर । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मुरादाबाद के वार्ड 69 की पार्षद रुबी परवीन के निर्वाचन को रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए 15 दिसम्बर तक जवाब मांगा है।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने रुबी परवीन की अपील पर दिया है।
पार्षद के खिलाफ सपा समर्थित प्रत्याशी अर्शी ने चुनाव याचिका एडीजे मुरादाबाद की अदालत में दायर की। मतदाता सूची में रूबी परवीन का नाम न होने के आधार पर उनके निर्वाचन को रद्द कर दिया था। इसके साथ चुनाव में दूसरे स्थान पर रही अर्शी को विजयी घोषित कर दिया। इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
सपा उम्मीदवार का दावा था कि अपीलकर्ता का नाम नगर निगम की मतदाता सूची में नहीं था और इस कारण वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य थीं। इसके विपरीत तथ्य यह था की अपीलकर्ता का नाम मतदाता सूची के क्रम संख्या 1151 पर मौजूद था, लेकिन उनके पिता का नाम अख्तर खान गलत दर्ज था। संशोधित मतदाता सूची में पिता का नाम अफसर अली दर्शाया गया था। अदालत ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
कोर्ट ने कहा कि अर्शी को निर्वाचित घोषित करके गलती की गई, क्योंकि जहां कई प्रत्याशी होते हैं, वहां निर्वाचित को अयोग्य पाए जाने पर भी ऐसा ऐलान नहीं किया जा सकता।