कनाडा में बरनाला के इकलौते बेटे की मौत, शव भारत लाने में 27 लाख का खर्च

घटना का संक्षिप्त विवरण

पंजाब के बरनाला जिले के युवक की कनाडा में मौत हो गई। मृत्यु का कारण साइलेंट हार्ट अटैक बताया गया है। बलतेज सिंह नाम से वह छीनीवाल गांव के रहने वाले थे। वे अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। परिवार के अनुसार घटना अचानक घटी, जिससे दिल के दौरे का संकेत नहीं मिला। उनके माता-पिता जगतार सिंह और रूपिंदर कौर अभी भी गहरे सदमे में हैं। पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया चल रही है, पर इसके लिए बड़े खर्च का सच सामने आ गया है। कागजी कार्रवाई और सीमा पार के प्रावधानों के कारण समय लगना तय है। इस दुःख की घड़ी में गांव के लोग भी शोक में डूबे हैं। बलतेज के चित्र और यादें परिवार के साथ हैं, जिससे उन्हें सहारा मिल सके।

खर्च और वित्तीय चुनौती

पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए कुल खर्च दो हिस्सों में बंटा है। कागजी कार्रवाई और आधिकारिक शुल्क करीब 27 लाख रुपए होते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शव को वापस लाने का अनुमान लगभग 40 हजार कनाडाई डॉलर है। इसका भारतीय मुद्रा में अनुमान 25 से 27 लाख रुपए के बीच माना जा रहा है। यह रकम परिवार की आय से काफी अधिक है और वे अकेले इसे जुटा नहीं पाएंगे। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बताई जा रही है और वह इस बड़ी मांग को पूरा करने में सक्षम नहीं दिखता। स्थानीय धार्मिक और सामाजिक संस्थाएं दान की अपील कर रही हैं ताकि पार्थिव शरीर को जल्द गांव तक पहुंचाया जा सके। बड़े और छोटे दान मिलकर अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार की योजना को संभव बनाएंगे।

परिवार और समुदाय

परिवार के अनुसार बलतेज के चाले-चलते क्षण अभी भीवाद, वे इन क्षणों में एक दूसरे के साथ खड़े हैं। माता-पिता कहते हैं कि वे अपने बेटे की स्मृतियों को संजोकर रखते हैं और अंतिम दर्शन चाहतें हैं। क्षेत्रीय समाज ने भी दुख की इस घड़ी में साथ होने का संदेश भेजा है। लोगों ने दान का मार्ग प्रशस्त किया है ताकि पार्थिव शरीर समय पर लाया जा सके और परिवार को शांति मिल सके। ग्रामीण और शहर के लोग मिलकर एकजुट होकर मदद के प्रयासों को तेज कर रहे हैं ताकि आर्थिक बोझ कम किया जा सके। स्थानीय प्रशासन और मृतक के रिश्तेदार दायित्व निभाने की प्रतिबद्धता दिखा रहे हैं। इस समुदायिक समर्थन से परिवार को कुछ राहत मिल सकती है।

मदद कैसे करें और मार्गदर्शन

यदि आप मदद करना चाहते हैं, तो स्थानीय दान केंद्रों में योगदान दें। दान के पारदर्शी प्रबंधन के लिए विभागीय समितियां सक्रिय हैं। आपल्या द्वारा किया गया योगदान अंतिम संस्कार और पार्थिव शरीर के समय पर पहुंचाने में मदद करेगा। अधिक जानकारी के लिए सरकारी मार्गदर्शन देखें और स्वास्थ्य संदर्भों से प्रेरणा लें। आप MEA की आधिकारिक साइट और विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्डियोवेस्कुलर रोग पन्नों से भी मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं: MEA Official Website; WHO Cardiovascular Diseases.

नोट: क्षेत्रीय खबरों में बलतेज सिंह की मृत्यु बरनाला के एक परिवार की निजी वेदना है। स्थानिय स्रोतों के अनुसार सहयोग हर संभव रहेगा ताकि पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द गांव छीनीवाल लाया जा सके और माता-पिता को अंतिम दर्शन का अवसर मिले। यह खबर समुदाय के लिए एक साथ खड़े रहने का संदेश भी है, ताकि आपदाकाल में लोग एक दूसरे की मदद करें।
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