कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञ वक्ताओं ने छात्रों को एडवोकेसी स्किल, सिविल ड्राफ्टिंग, विधिक लेखन, तथा साइबर अपराध से बचाव जैसे विषयों पर जानकारी दी। वक्ताओं ने न्यायालयीन प्रक्रिया, तर्क-वितर्क की तकनीक और प्रभावी प्रस्तुति के महत्व पर विस्तृत चर्चा की।
प्रो. सुदर्शन वर्मा ने कहा कि इस तरह की अकादमिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान और प्रोफेशनल तैयारी को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेकर अपने विधिक कौशल को निखारें।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. अनीस अहमद, डॉ. मुजीबुर्रहमान, अन्य शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।