अयोध्या, 25 जनवरी । विश्व सेवा मिशन ट्रस्ट के तत्वाधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास पूज्य श्री पवन देव जी महाराज ने कहा कि “सच्चा पुत्र वही है जो पिता के पापी होने पर भी उसका कल्याण कर उसे मुक्ति दिला दे।” उन्होंने भक्त प्रह्लाद का उदाहरण देते हुए कहा कि आज 70 वर्ष का व्यक्ति भी भगवान पर उतना भरोसा नहीं करता, जितना 8 वर्ष के प्रह्लाद ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में किया। जब दैत्य उन्हें मारने आए, तब भी उन्होंने भगवान का स्मरण नहीं छोड़ा।
कथा व्यास ने वर्तमान समय के रिश्तों पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि आज रिश्ते ज़रूरतों तक सीमित हो गए हैं। ज़रूरत पूरी होते ही संबंध समाप्त कर दिए जाते हैं, जबकि सच्चा भक्त और सच्चा संबंध वही है जो हर परिस्थिति में भगवान की इच्छा को स्वीकार करे। इसके पश्चात पूज्य श्री पवन देव जी महाराज ने भावपूर्ण भजन “सूना लागे है सारा देश, वृंदावन कुटिया बनाऊंगी, यहाँ संभलकर आना जी” के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
कथा का आयोजन बद्री प्रसाद तिवारी एवं आलोक तिवारी द्वारा किया गया, जबकि कथा संयोजक पूर्व विधायक गोसाईगंज इंद्र प्रताप तिवारी खब्बू तिवारी रहे।चतुर्थ दिवस की शुरुआत विधिवत भागवत जी की आरती से हुई।