भारत–अमेरिका व्यापार समझौते से निर्यात को फायदा होगा: विपिन परमार

शिमला, 09 फ़रवरी । भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा है कि भारत–अमेरिका व्यापार समझौता भारतीय उद्योग, निर्यात और अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत को अमेरिका के विशाल बाजार में प्राथमिक पहुंच मिलेगी और इससे उद्योगों के साथ-साथ कृषि निर्यात को भी लाभ होने की उम्मीद है।

विपिन परमार ने सोमवार को बताया कि समझौते के तहत भारतीय टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर को राहत मिली है। उनके अनुसार पहले कुछ उत्पादों पर लगने वाला ऊंचा शुल्क घटाकर करीब 18 प्रतिशत किया गया है, जबकि रेशम (सिल्क) उत्पादों को शून्य शुल्क पर पहुंच मिली है। उनका कहना था कि इससे अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और निर्यातकों के लिए नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने कहा कि मशीनरी निर्यात पर भी शुल्क घटने से भारतीय निर्माताओं को बड़े बाजार तक पहुंच आसान होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय कृषि उत्पादों को अमेरिकी बाजार में अतिरिक्त शुल्क से राहत मिली है। मसाले, चाय, कॉफी, फल, मेवे और प्रोसेस्ड फूड जैसे उत्पादों को शून्य ड्यूटी का लाभ मिलने से कृषि निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि डेयरी, मांस, पोल्ट्री और अनाज जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है और इन क्षेत्रों में बाजार खोलने का कोई प्रावधान नहीं किया गया है।

विपिन परमार के मुताबिक यह समझौता भारतीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई), कारीगरों, टेक्सटाइल उद्योग, फूड प्रोसेसिंग सेक्टर और कृषि निर्यातकों के लिए नए अवसर पैदा करेगा। उनका कहना था कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और देश की विदेशी मुद्रा आय में भी वृद्धि होने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत के किसानों और घरेलू उद्योगों के हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और इससे भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता मजबूत होगी।