मंगलवार को जारी एक प्रेस बयान में एडवोकेट विश्व चक्षु ने कहा कि जिन बुजुर्गों के सम्मान और सुरक्षा की बड़ी-बड़ी बातें सुक्खू सरकार मंचों से करती है, वही बुजुर्ग आज दवाइयों, राशन और दैनिक जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर होने को मजबूर हैं। यह केवल एक भगवान दास शर्मा की पीड़ा नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में पेंशनर्स के साथ हो रहे अन्याय की भयावह तस्वीर है।
उन्होंने कहा कि कांगड़ा, मंडी, ऊना, सिरमौर, चंबा और हमीरपुर सहित कई जिलों से लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, जहां बुजुर्ग पेंशनर्स को महीनों तक पेंशन नहीं मिल रही। कहीं तकनीकी खामियों का बहाना बनाया जा रहा है, तो कहीं फाइलें दफ्तरों में धूल फांक रही हैं। कई बुजुर्गों को पंचायतों, तहसीलों और समाज कल्याण कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, लेकिन सरकार की नींद नहीं खुल रही। विश्व चक्षु ने कहा कि यह स्थिति साबित करती है कि कांग्रेस सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाएं केवल कागज़ों और विज्ञापनों तक सीमित रह गई हैं। जमीनी स्तर पर न तो कोई निगरानी है और न ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई का साहस।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 94 वर्षीय भगवान दास शर्मा सहित प्रदेश के सभी लंबित पेंशन मामलों का तत्काल निपटारा नहीं किया गया और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो भारतीय जनता पार्टी इस बुजुर्ग-विरोधी रवैये के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक निर्णायक आंदोलन करेगी।