हिमाचल सरकार ने खोला नौकरियों का पिटारा, कैबिनेट ने 1066 पद भरने को दी मंजूरी, ओपीएस नहीं होगी बंद

शिमला, 12 फ़रवरी । हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने स्पष्ट किया है कि आरडीजी (रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट) बंद होने के बावजूद पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बंद नहीं किया जाएगा और सरकारी भर्तियां भी पहले की तरह जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में गुरूवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों में खाली पड़े 1066 पदों को भरने की मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि वित्तीय चुनौतियों के बावजूद विकास कार्यों की रफ्तार नहीं रुकेगी और राज्य अपने संसाधन स्वयं सृजित करेगा।

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि आरडीजी बंद होना राज्य के लिए झटका जरूर है, लेकिन इससे विकास पर असर नहीं पड़ने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने पिछले तीन वर्षों में लगभग 3500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व जुटाया है और आगे भी संसाधन बढ़ाने पर जोर रहेगा।

बैठक में राज्यपाल के आगामी बजट सत्र के अभिभाषण को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही टोल टैक्स बैरियर नीति 2026-27 और आबकारी नीति 2026-27 को भी स्वीकृति प्रदान की गई। अब शराब के ठेकों की नीलामी ई-ऑक्शन के माध्यम से की जाएगी। स्ट्रीट वेंडर्स नीति को भी हरी झंडी दी गई है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े फैसले लेते हुए 1617.40 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेजों, सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों और आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के आधुनिकीकरण को मंजूरी दी गई है। इसके तहत पुरानी मशीनरी की जगह आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे, जिससे मरीजों को राज्य से बाहर इलाज के लिए न जाना पड़े। कमला नेहरू अस्पताल शिमला के मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल, सुंदरनगर व नूरपुर सिविल अस्पताल, ऊना क्षेत्रीय अस्पताल, भोरंज के 50 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक और बिलासपुर की जिला सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला के लिए आधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे। नाहन मेडिकल कॉलेज में इम्यूनोहेमेटोलॉजी और ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग भी स्थापित किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग में 30 रेडियोग्राफर, 40 फार्मेसी अधिकारी, 150 असिस्टेंट स्टाफ नर्स और 10 फूड सेफ्टी अधिकारी के पद भरने की मंजूरी दी गई है। नूरपुर, बद्दी और ऊना में ड्रग टेस्टिंग प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी, जिनके लिए 36 पद सृजित होंगे। सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बायोमेडिकल उपकरणों के रखरखाव के लिए विशेष प्रबंधन कार्यक्रम भी लागू किया जाएगा।

शिक्षा क्षेत्र में प्रस्तावित 100 सीबीएसई स्कूलों के लिए संस्कृत, शारीरिक शिक्षा, संगीत और ड्राइंग के 600 अध्यापक पद सृजित किए गए हैं, जिन्हें राज्य चयन आयोग के माध्यम से भरा जाएगा। 31 बालक और बालिका स्कूलों को मिलाकर सहशिक्षा स्कूल बनाने का निर्णय भी लिया गया है। 777 अतिरिक्त स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम परियोजना लागू की जाएगी।

लोक निर्माण विभाग के लिए रोड ड्रेनेज नीति और गड्ढों की मरम्मत के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को मंजूरी दी गई है, ताकि सड़कों की गुणवत्ता सुधरे और रखरखाव खर्च कम हो। सिरमौर जिले में छह पीडब्ल्यूडी डिवीजनों का पुनर्गठन विधानसभा क्षेत्रों के अनुसार किया जाएगा।

महिला होमगार्ड स्वयंसेविकाओं को अब 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश मिलेगा। विशेष रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह अनुदान को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये तक किया गया है, जबकि 40 से 70 प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को 25 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। ‘इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना’ में संशोधन कर विधवा महिलाओं की बेटियों को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए आर्थिक सहायता और छात्रावास न होने पर 3000 रुपये प्रतिमाह किराया सहायता देने का प्रावधान किया गया है। ‘इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना’ भी शुरू की जाएगी, जिसका उद्देश्य छह वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती व धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार करना है।

इसके अलावा 190 जूनियर इंजीनियर (सिविल) और 151 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के पदों को अलग कैडर के रूप में भरने की मंजूरी दी गई है। हाईकोर्ट रजिस्ट्री में सफाई कर्मचारियों, सैनिक कल्याण विभाग में वेलफेयर ऑर्गेनाइजर और राजस्व विभाग में जेओए (आईटी) के पद भी भरे जाएंगे। बिलासपुर के लुहणू स्पोर्ट्स हॉस्टल की क्षमता 80 से बढ़ाकर 100 बिस्तर की जाएगी। चंबा में डिस्टिल ग्लोबल स्किल्स एंड डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। राज्य लॉटरी नियम 2026 का मसौदा तैयार करने के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन भी किया गया है।