चंडीगढ़ क्रेस्ट घोटाला: 83 करोड़ धोखाधड़ी, आईएफएस अफसर भी शामिल

चंडीगढ़ क्रेस्ट घोटाला: अकाउंट्स हेड गिरफ्तार, 83 करोड़ का फ्रॉड

चंडीगढ़ पुलिस ने क्रेस्ट घोटाले के मामले में एक बड़ी गिरफ्तारी की है। कंपनी के अकाउंट्स विभाग के प्रमुख साहिल कुक्कर को आर्थिक अपराध शाखा ने हिरासत में लिया है। 83 करोड़ रुपये के इस धोखाधड़ी मामले की एफआईआर 12 मार्च 2026 को दर्ज की गई थी। इसमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के अधिकारियों पर गंभीर आरोप हैं।

मोबाइल नंबर से जुड़ा था पूरा खेल

जांच में पता चला कि साहिल कुक्कर का मोबाइल नंबर बैंक खाते से जुड़ा था। सभी लेनदेन की एसएमएस सूचनाएं उसी पर आती थीं। फर्जी बैंक स्टेटमेंट बनाने में भी उसकी भूमिका संदेह के घेरे में है। उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। अब पुलिस पैसे के कैश ट्रेल की जांच कर रही है।

आईएफएस अधिकारी भी जांच के दायरे में

यह घोटाला लगातार बड़े नाम सामने ला रहा है। जांच में एक आईएफएस अधिकारी का नाम उभरा है। संदेह है कि उन्होंने मुख्य आरोपी को भागने की सलाह दी। पुलिस के पास इसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी है। मामले को सीबीआई को सौंपे जाने की भी चर्चा है। यह खबर चंडीगढ़ प्रशासन में हलचल का कारण बनी हुई है।

शेल कंपनियों और सोलर पैनल कनेक्शन

आरोपियों ने पैसे मां और दोस्त के खातों में ट्रांसफर किए। कैपको फिनटैक जैसी शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। बैंक ऑडिटरों को खुश करने के लिए उनके घरों पर सोलर पैनल लगवाए गए। इस पैसे का भुगतान प्रोजेक्ट डायरेक्टर के खाते से किया गया था। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है।

पूर्व सीएफओ भी जांच के घेरे में

इस मामले में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की पूर्व सीएफओ नलिनी भी पूछताछ के दायरे में हैं। पुलिस ने उनकी बहन के घर से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। हालांकि नलिनी ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि वह धार्मिक यात्रा से लौटने के बाद जांच एजेंसियों का सहयोग करेंगी।

आर्थिक घोटालों की जांच प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी केंद्रीय जांच ब्यूरो की वेबसाइट पर प्राप्त की जा सकती है। चंडीगढ़ प्रशासनिक व्यवस्था से संबंधित आधिकारिक विवरण चंडीगढ़ प्रशासन के पोर्टल पर उपलब्ध हैं।
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