पेट्रोल पंप पर अब शराब!

चंडीगढ़ में अब पेट्रोल पंप और मॉल में भी मिलेगी शराब, जानें नई नीति के बड़े बदलाव

चंडीगढ़ प्रशासन ने नई एक्साइज नीति को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब पेट्रोल पंप और मॉल में भी शराब बेची जा सकेगी। नई नीति में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। इनका मकसद राजस्व बढ़ाना और बिक्री को व्यवस्थित करना है।

पेट्रोल पंप और मॉल में शराब की दुकानें

नई L-2D लाइसेंस श्रेणी शुरू की गई है। इसके तहत पेट्रोल पंप और मॉल में शराब की दुकानें खुलेंगी। दुकान का न्यूनतम क्षेत्र 300 वर्ग फुट होना चाहिए। यहाँ आयातित वाइन और बीयर बेची जाएगी। बड़े डिपार्टमेंटल स्टोर L-10B लाइसेंस ले सकेंगे। इसकी फीस 30 लाख रुपये है। इस लाइसेंस से वे विदेशी शराब भी बेच सकेंगे।

डिजिटल भुगतान और सुरक्षा उपाय अनिवार्य

सभी शराब की दुकानों पर डिजिटल भुगतान की सुविधा जरूरी होगी। ग्राहक कार्ड या पीओएस मशीन से भुगतान कर सकेंगे। हर बोतल पर बारकोड और सुरक्षा लेबल लगेगा। इससे शराब की ट्रैकिंग आसान होगी। शराब ढोने वाले हर वाहन में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य है। कुछ वाहनों में डिजी-लॉक सिस्टम भी लगेगा।

निगरानी और स्वच्छता के नए नियम

सभी दुकानों और कारखानों में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। निर्माण इकाइयों में फ्लो मीटर लगाए जाएंगे। इससे उत्पादन पर सटीक नजर रखी जा सकेगी। खुदरा विक्रेताओं को अपनी दुकान के आसपास स्वच्छता बनाए रखनी होगी। उन्हें डस्टबिन भी रखना होगा। नियमों का पालन न करने पर जुर्माना लगेगा। बार और रेस्टोरेंट में अल्कोमीटर रखना जरूरी होगा।

राजस्व लक्ष्य और नीलामी में बढ़ोतरी

इस नीति के जरिए 97 लाइसेंस जारी किए जाएंगे। प्रशासन का लक्ष्य 454 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का है। हाल ही में हुई ई-नीलामी के दूसरे दौर में 11 ठेकों के लिए बोलियां आईं। रिजर्व प्राइस 53.94 करोड़ रुपये था। ये ठेके 62.38 करोड़ रुपये में बिके। इस तरह रिजर्व प्राइस में 15.64% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस दौर से प्रशासन को 38 लाख रुपये आवेदन शुल्क के रूप में मिले।

भारत में शराब नीतियों पर अधिक जानकारी के लिए आप केंद्रीय उत्पाद शुल्क बोर्ड की वेबसाइट देख सकते हैं। चंडीगढ़ प्रशासन की आधिकारिक सूचनाएं यहाँ प्राप्त कर सकते हैं।