शुक्रवार को मास्टर अदितेन्द्र स्कूल में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान हंगामा हो गया। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री सुरेश रावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे, लेकिन इसी बीच भाजपा कार्यकर्ताओं ने एसडीएम धारा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और कार्रवाई की मांग करने लगे।
जानकारी के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ता एक मामले को लेकर नाराज थे, जिसमें एसडीएम ने पार्टी कार्यकर्ता दिनेश भातरा के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज कराया था। मंत्री रावत ने कार्यकर्ताओं की बात सुनी और कहा कि “यदि अधिकारी ने गलत किया है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी, लेकिन इस तरह की स्थिति दोबारा नहीं बननी चाहिए।”
स्थिति बिगड़ती देख जिला कलेक्टर कमर चौधरी ने खुद हस्तक्षेप किया और कार्यकर्ताओं को एक ओर करते हुए मंत्री को सुरक्षित उनकी गाड़ी तक पहुंचाया।
घटना की शुरुआत 4 नवंबर को फतेहपुर गांव में हुई थी, जहां रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने बिजली, पानी और सड़क की समस्याएं उठाईं। चौपाल समाप्त होने के बाद जब एसडीएम धारा लौट रही थीं, तो दिनेश भातरा और कुछ ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी का घेराव कर लिया। पुलिस ने किसी तरह स्थिति संभाली, लेकिन अगले दिन एसडीएम ने भातरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया।
इसके बाद विधायक जगत सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर एसडीएम की कार्यशैली की शिकायत की और उन्हें हटाने की मांग की। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि एसडीएम का व्यवहार असंवेदनशील है और उन्होंने जनप्रतिनिधि के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किया है।
घटना के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। कलेक्टर कमर चौधरी ने मंत्री की सुरक्षा बढ़ाई और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय बनाए रखा जाए ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति न बने।