मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बेशक आज एआई, रोबोटिक, अल्ट्रामोड्राइजेशन का युग है, लेकिन भारत को सुपर पावर बनाने में ज्ञान, तकनीक, अध्यात्मिकता, नैतिक आधार, दृढ़ता व बहादुरी भी ताकत देगी जो श्री गुरु तेग बहादुर जी ने संदेश दिया है। मुख्यमंत्री शनिवार को चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय में ‘श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और दर्शन’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई गुरुओं के जीवन पर आधारित पेंटिंग प्रदर्शनी व फैशन टेक्नोलॉजी विभाग की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. कुलदीप चंद अग्रिहोत्री की पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की कि हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर उनसे प्रेरणा लेते हुए चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय में श्री गुरु तेग बहादुर जी अध्ययन पीठ स्थापित की जाएगी, जहां विद्यार्थी उनके जीवन और दर्शन पर अनुसंधान कर सकेंगे।उन्होंने बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350 वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में 1 नवंबर से कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं, जो 25 नवंबर तक चलेंगे। मुख्य समारोह कुरुक्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार पवित्र यात्राएं निकाली जाएंगी।
इस मौके पर सीएम ने हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. कुलदीप चंद अग्रिहोत्री की पुस्तक ‘हिंदी की चादर नवम गुरु श्री तेग बहादुर’ का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि सिरसा स्थित गुरुद्वारा श्री चिल्ला साहिब को 70 कनाल भूमि स्थानांतरित की गई है।वीएलडीए कॉलेज’ स्थापित किया गया है। यमुनानगर के लौहगढ़ में बाबा बंदा सिंह बहादुर स्मारक का शिलान्यास किया गया है।