दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में जापान और दक्षिण कोरिया की अपनी 10-दिवसीय सफल निवेश यात्रा से लौटने के बाद, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस पार्टी पर अपने चिर-परिचित अंदाज में तीखा हमला बोला है।
उन्होंने संत कबीर दास जी के दोहे का सहारा लेते हुए कांग्रेस की वर्तमान अंतर्कलह और ‘कुर्सी’ की राजनीति पर गहरा तंज कसा है।
भगवंत मान ने कहा कि कांग्रेस के नेता केवल इस बात में उलझे हैं कि पार्टी में मुख्यमंत्री, मंत्री या विधायक के पद की ‘कीमत’ क्या है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के लिए सत्ता सेवा का माध्यम नहीं, बल्कि व्यापार बन गई है। उन्होंने कांग्रेस की स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कबीर जी के विचारों का उल्लेख किया कि जो लोग केवल स्वार्थ के लिए इकट्ठा होते हैं, उनका बिखरना तय है।
उन्होंने कहा— “कबीरा खड़ा बाज़ार में, सबकी मांगे खैर…” के भाव के साथ कि वे पंजाब की भलाई (खैर) के लिए निवेश ला रहे हैं, जबकि कांग्रेस अपनी अंदरूनी लड़ाई में व्यस्त है। मान ने अपनी विदेश यात्रा का विवरण साझा करते हुए बताया कि जहाँ उनकी सरकार जापान और कोरिया की बड़ी कंपनियों (जैसे होंडा, यामाहा) को पंजाब लाने में जुटी है, वहीं कांग्रेस अपनी ‘साख’ बचाने के लिए संघर्ष कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस और अकाली दल जैसे दल जनता को गुमराह कर रहे हैं, लेकिन पंजाब की जनता अब ‘रंगला पंजाब’ के मॉडल को समझ चुकी है।