Manrega Name Change Protest: कांग्रेस ने जताया विरोध, भाजपा का पुतला फूंका

कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलने के फैसले का कड़ा विरोध किया। पार्टी ने यह विरोध प्रदर्शन स्थानीय कार्यालय के बाहर किया, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल थे। विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा का प्रतीकात्मक पुतला फूंका गया।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मनरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के लिहाज से अहम है। इसका नाम बदलना न केवल योजना की पहचान को प्रभावित करेगा, बल्कि ग्रामीण जनता के लिए भ्रम की स्थिति भी पैदा कर सकता है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि योजना का मूल उद्देश्य गरीब और मजदूर वर्ग को सीधे लाभ पहुंचाना है और इसे बचाना प्राथमिकता है।

प्रदर्शन और संदेश

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और केंद्र सरकार से योजना का नाम बदलने से रोकने की अपील की। नेताओं ने कहा कि किसी भी सरकारी योजना का नाम राजनीतिक लाभ के लिए बदलना उचित नहीं है। स्थानीय नागरिक और ग्रामीण भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए और कहा कि योजना से उन्हें स्थायी रोजगार के अवसर मिलते हैं। नाम परिवर्तन से योजना की पहचान बदलने और लाभार्थियों में भ्रम फैलने की आशंका है।

राजनीतिक और सामाजिक महत्व

विशेषज्ञों का मानना है कि योजना का नाम बदलना चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। वहीं, कांग्रेस का विरोध इसे रोकने और योजना के मूल उद्देश्य को बनाए रखने का प्रयास है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने नाम बदलने की प्रक्रिया जारी रखी, तो वह इसे संसद और सड़क स्तर पर जोर-शोर से उठाएगी।

स्थानीय प्रतिक्रिया

स्थानीय लोग और ग्रामीणों ने इस विरोध का स्वागत किया। उनका कहना है कि मनरेगा योजना उनके लिए रोजगार और सुरक्षा का माध्यम है। नाम में बदलाव से योजना के लाभार्थियों को समस्या हो सकती है।

कांग्रेस का संदेश स्पष्ट है: गरीबों और मजदूरों के हितों की रक्षा सबसे महत्वपूर्ण है, और किसी भी सरकारी योजना का नाम राजनीतिक उद्देश्य के लिए बदलना स्वीकार्य नहीं है।