नगर निगम जयपुर में डिजिटल जनगणना के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ निगम आयुक्त डॉ. निधि पटेल के निर्देशानुसार किया गया। उन्होंने अधिकारियों और प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल जनगणना भारत की प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन है। इससे आंकड़ों का संकलन तेज़, सटीक और पारदर्शी होगा।
डॉ. पटेल ने कहा कि निगम स्तर पर आयोजित यह प्री-डिजिटल जनगणना टेस्ट भविष्य की जनगणना प्रणाली के लिए एक प्रभावी मॉडल साबित होगा।
प्रशिक्षण के दौरान जनगणना शाखा के अधिकारियों ने प्रतिभागियों को डिजिटल फॉर्म भरने, डेटा अपलोड प्रक्रिया और जियो-टैगिंग प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी।
53 प्रगणक और 7 सुपरवाइजरों को मिला प्रशिक्षण
कार्यक्रम के तहत कुल 53 प्रगणक और 7 सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद 10 से 30 नवंबर तक प्री-डिजिटल जनगणना का संचालन किया जाएगा।
इस अवधि में किशनपोल जोन के वार्ड 55, 56 और 63 में घर-घर जाकर डिजिटल माध्यम से जनगणना संबंधी जानकारी एकत्र की जाएगी।
किशनपोल जोन उपायुक्त विजेंद्र सिंह ने बताया कि यह टेस्ट डिजिटल प्रक्रिया का एक प्रारंभिक अभ्यास (Pilot Project) है, जिससे भविष्य में होने वाली मुख्य जनगणना अधिक सुचारू और प्रभावी रूप से संपन्न की जा सकेगी।
अधिकारियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक पुनीत मेहरोत्रा, संयुक्त निदेशक अतुल वर्मा, उप निदेशक मेघा शर्मा, प्रियंका शर्मा, राकेश जोरिया, सहायक निदेशक सचिन कुमार, सांख्यिकीय अन्वेषक करण यादव और डाटा प्रोसेसिंग असिस्टेंट द्वीपेंद्र धाबाई उपस्थित रहे।