लुधियाना। शनिवार को लुधियाना के 33 फूटा रोड इलाके में एक दुखद घटना घटी। 13 वर्षीय आयुष का शव अपने घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस इसकी जांच में जुट गई है। वह यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि एक मासूम बच्चे ने आखिर यह कदम क्यों उठाया।
दोपहर में खुला राज
घटना दोपहर करीब ढाई बजे की है। आयुष के बड़े भाई प्रिंस ने घर लौटकर कमरे का दरवाजा अंदर से बंद पाया। काफी आवाज लगाने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया। अंदर का नज़ारा सबके लिए सदमा था। आयुष पंखे से गमछे के फंदे पर लटका हुआ था। उसे तुरंत नीचे उतारा गया और अस्पताल ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
छुट्टियों का झूठ और पढ़ाई का दबाव
जांच में पता चला कि आयुष पिछले दो दिन से स्कूल नहीं गया था। उसने घरवालों को बताया था कि स्कूल में छुट्टियां हैं। जबकि असल में स्कूल में फाइनल परीक्षाएं चल रही थीं। उसके पिता अर्जुन पंडित ने बताया कि आयुष पिछले कुछ दिनों से चुपचाप रहने लगा था। पढ़ाई का जिक्र होते ही वह घबरा जाता था। ऐसा लगता है कि परीक्षा के तनाव और फेल होने के डर ने उसे यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
पुलिस ने शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना है। रविवार को सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल पुलिस ने धारा 174 के तहत कार्रवाई की है। वह हर पहलू से इस घटना की जांच कर रही है। यह घटना बच्चों में बढ़ते मानसिक तनाव और पढ़ाई के दबाव की ओर इशारा करती है।
समाज के सामने सवाल
यह दुखद घटना हम सभी के लिए चिंता का विषय है। बच्चों पर पढ़ाई और नंबरों का इतना दबाव क्यों है? माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों की मानसिक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। उनसे खुलकर बातचीत करनी चाहिए। तनाव के लक्षण दिखने पर तुरंत मदद लेनी चाहिए। बच्चों की मानसिक सेहत के प्रति जागरूकता बहुत जरूरी है। इससे ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है। मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में अधिक जानकारी यहाँ प्राप्त कर सकते हैं।
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