आयकर अधिकारी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में 4 वर्ष की कैद
पंजाब के मोहाली स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी की विशेष अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आयकर विभाग के पूर्व सहायक आयुक्त वाई.के. सक्सेना को चार साल की कठोर कैद की सजा दी है। यह सजा आय से अधिक संपत्ति जमा करने के मामले में सुनाई गई है।
13 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया
अदालत ने सजा के साथ ही 13 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। निर्धारित समय में जुर्माना न भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। यह मामला कर अधिकारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से जुड़ा है।
सीबीआई ने 2005 में दर्ज किया था मामला
चंडीगढ़ सीबीआई ने वर्ष 2005 में यह मामला दर्ज किया था। जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पाया गया कि सक्सेना ने अपनी वैध आय से 104 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की थी। यह संपत्ति उन्होंने परिवार के सदस्यों के नाम पर जमा की थी।
लुधियाना में थी तैनाती
मामला दर्ज होने के समय वाई.के. सक्सेना लुधियाना में सहायक आयुक्त के पद पर तैनात थे। उन्होंने वर्ष 1979 से 2005 तक आयकर विभाग में सेवाएं दी थीं। जांच एजेंसियों ने उनसे कुल 86 लाख 89 हजार रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति बरामद की थी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकेत
यह फैसला सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों के लिए एक सबक है। यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अदालतें नरमी नहीं बरततीं। सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में यह मामला एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। भारत में सीबीआई और एनआईए ऐसे मामलों की गहन जांच करती हैं।
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