बठिंडा में पिता-पुत्र के शव मिलने से सनसनी
पंजाब के बठिंडा में एक दुखद घटना सामने आई है। रामफूला क्षेत्र में एक घर से पिता और पुत्र के शव बरामद हुए। यह घटना इलाके में सनसनी फैला दी। सूचना मिलने पर सहारा समाज सेवा की टीम मौके पर पहुंची। उन्हें घर के अंदर दोनों शव मिले।
शव थे 10-15 दिन पुराने
मृतक 80 वर्षीय रमेश कुमार और उनके 50 वर्षीय पुत्र संजय कुमार थे। दोनों के शव अलग-अलग बेड पर पड़े थे। शव करीब 10 से 15 दिन पुराने लग रहे थे। पुलिस ने बताया कि संजय की मौत पहले हुई। इसके बाद बुजुर्ग रमेश को खाने-पीने को कोई नहीं मिला। अतः उनकी भी मौत हो गई।
पुलिस ने बताया मौत प्राकृतिक
पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया। किसी तरह की छेड़छाड़ के निशान नहीं मिले। थाना सिटी रामपुरा के इंस्पेक्टर हरबंस सिंह ने जानकारी दी। परिवार ने किसी पर संदेह नहीं जताया। उन्होंने मौत को प्राकृतिक बताया। कानूनी कार्रवाई के बाद शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
परिवार के सदस्य लंबे समय से अकेले रह रहे थे
रमेश कुमार के चार बच्चे थे। दो बेटे और दो बेटियां थीं। संजय अविवाहित था। पिता-पुत्र करीब 25 वर्षों से अकेले रह रहे थे। रमेश कुमार चलने-फिरने में असमर्थ थे। मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर जागरूकता महत्वपूर्ण है। आप विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पढ़ सकते हैं।
बेटी के फोन न उठने से लगा संदेह
मामला तब सामने आया जब बेटी को शक हुआ। वह लगातार पिता को फोन कर रही थी। 10-12 दिन से कोई फोन नहीं उठा रहा था। इस कारण वह सीधे घर पहुंची। वहां पहुंचकर उसे सारी सच्चाई का पता चला। सहारा समाज सेवा के प्रधान संदीप ने इसकी पुष्टि की। बुजुर्गों की देखभाल एक गंभीर सामाजिक विषय है। सामाजिक न्याय मंत्रालय की योजनाओं की जानकारी लें।
यह घटना समाज में बुजुर्गों और अकेले रह रहे लोगों की स्थिति पर प्रश्न खड़ा करती है। ऐसे में पड़ोसियों और समुदाय की सक्रिय भूमिका अहम हो जाती है।
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