फरीदाबाद : डॉ.हरीश चंद्र बर्णवाल को ‘मन की बात’ पर शोध हेतु मिली डॉक्टरेट की उपाधि

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदान की उपाधिफरीदाबाद, 15 फरवरी । वरिष्ठ पत्रकार और प्रसिद्ध लेखक हरीश चंद्र बर्णवाल को उनके उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए डॉक्टरेट की उपाधि से अलंकृत किया गया है। मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज, फरीदाबाद के दीक्षांत समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा द्वारा उन्हें यह मानद उपाधि प्रदान की गई। डॉ.बर्णवाल ने अपना शोध प्रबंध प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम का सतत विकास लक्ष्यों के परिप्रेक्ष्य में विश्लेषण विषय पर प्रोफेसर डॉ. कुमार राजेश के मार्गदर्शन में पूर्ण किया है। वैश्विक लक्ष्यों और जन-संवाद का सेतु- डॉ. बर्णवाल का यह शोध अकादमिक जगत में अपनी तरह का पहला ऐसा प्रयास है, जो संयुक्त राष्ट्र के 2030 तक निर्धारित ‘सतत विकास लक्ष्यों’ को भारत के सबसे लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात से जोडकऱ देखता है। डॉ. बर्णवाल ने वर्ष 2014 से 2019 तक प्रसारित ‘मन की बात’ के सभी 53 एपिसोड्स का बारीकी से सांख्यिकीय विश्लेषण किया है। शोध के निष्कर्षों के अनुसार स्वच्छता:जैसे वैश्विक लक्ष्य पर सर्वाधिक 34 एपिसोड में चर्चा की गई। शिक्षा पर 28 एपिसोड, महिला सशक्तिकरण पर 27, स्वास्थ्यपर 25, पर्यावरण पर 21 और गरीबी उन्मूलन पर 16 एपिसोड में विस्तृत संवाद किया गया। शोध में विशेष रूप से रेखांकित किया गया है कि प्रधानमंत्री की किस्सागोई की कला ने कैसे लोगों के व्यवहार में परिवर्तन लाया। इस अवसर पर संस्थान के फैकल्टी, गणमान्य अतिथि और अकादमिक जगत के विशेषज्ञों ने डॉ. बर्णवाल को इस राष्ट्रोपयोगी शोध के लिए बधाई दी।