फरीदाबाद, 09 जनवरी । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अब तक का सबसे सख्त फरमान जारी किया है। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जो पुलिस अधिकारी अपने इलाके में क्राइम रेट को कम करने में नाकाम रहेंगे, उन्हें न केवल फील्ड से हटाया जाएगा, बल्कि उनका डिमोशन (पदोन्नति की जगह पदावनति) भी किया जाएगा।
जीरो टॉलरेंस की नीति फरीदाबाद में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए सीएम सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, “जनता की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। अगर कोई अधिकारी अपराधियों पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है, तो इसका मतलब है कि वह अपनी जिम्मेदारी निभाने में सक्षम नहीं है। ऐसे अफसरों को कुर्सी पर रहने का कोई हक नहीं है।”
नशा और गैंगस्टरों पर टारगेट मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से नशा तस्करी और गैंगस्टर कल्चर को खत्म करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस को तकनीक का सहारा लेकर अपराधियों से दो कदम आगे रहना होगा। फरीदाबाद जैसे औद्योगिक शहर में व्यापारियों से रंगदारी और चोरी की बढ़ती घटनाओं पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और अधिकारियों को जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
जनता के बीच विश्वास बहाली मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को आदेश दिया कि वे जनता के बीच विश्वास का माहौल पैदा करें। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए कि अपराधी थर-थर कांपें और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करे। इस नई नीति के तहत अब अधिकारियों की एसीआर (ACR) में उनके इलाके के क्राइम ग्राफ को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।