देहरादून: उत्तराखंड में महिला स्वास्थ्य और गंभीर बीमारियों की रोकथाम की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राज्यपाल ने प्रदेश व्यापी एचपीवी (Human Papillomavirus) टीकाकरण अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। राजभवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बालिकाओं को टीका लगवाकर इस मिशन की शुरुआत की। यह अभियान मुख्य रूप से किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) के खतरे से बचाने के लिए तैयार किया गया है।
सर्वाइकल कैंसर से मिलेगी सुरक्षा
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाली एक गंभीर बीमारी है, लेकिन सही समय पर टीकाकरण और जागरूकता के माध्यम से इसे पूरी तरह से रोका जा सकता है। उन्होंने प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि इस वैक्सीन की पहुंच दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों की हर पात्र बालिका तक सुनिश्चित की जाए।
अभियान का लक्ष्य और क्रियान्वयन
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस अभियान के तहत 9 से 14 वर्ष की आयु की बालिकाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। टीकाकरण के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
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नि:शुल्क सुविधा: सरकारी स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों पर यह टीका नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
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जागरूकता अभियान: स्कूलों में शिक्षकों और अभिभावकों के माध्यम से वैक्सीन की सुरक्षा और लाभ के बारे में जानकारी दी जाएगी।
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डिजिटल ट्रैकिंग: प्रत्येक टीकाकरण का रिकॉर्ड यू-विन (U-WIN) पोर्टल पर संधारित किया जाएगा।
राज्यपाल की अपील
राज्यपाल ने अभिभावकों से अपील की कि वे बिना किसी संकोच के अपनी बेटियों का टीकाकरण करवाएं। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ बेटियाँ ही एक स्वस्थ समाज और मजबूत उत्तराखंड का आधार हैं।” इस अवसर पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस पहल को ‘नारी शक्ति’ की सुरक्षा के प्रति एक बड़ी उपलब्धि बताया।
इस अभियान की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहाँ कैंसर रोकथाम के लिए इस तरह का वृहद टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है।