गुरदासपुर: एंबुलेंस 2 घंटे जाम, विधायक ने पूछा ‘कहाँ?’

पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के वर्किंग प्रेसिडेंट और बटाला के विधायक अमनशेर सिंह शेरी कलसी गुरदासपुर जिले के शाम के समय एक सडक घटना के बीच सामने आए। सड़क पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति थी और उसी मार्ग से एक एम्बुलेंस मरीज को लेकर फंसी हुई थी, जिसे त्वरित मदद की जरूरत थी। इस वक्त घटनास्थल पर स्वास्थ्य सेवाओं की आवक बनी रहे, इसके लिए कलसी ने तुरंत एक्शन लिया और ट्रैफिक इंचार्ज से संपर्क कर पूछा कि स्थिति क्या है, क्योंकि दो घंटे से एम्बुलेंस यहाँ फंसी हुई है। उन्होंने साफ तौर पर कहा, “यहां एम्बुलेंस फंसी है, तुरंत मौके पर पहुंचिए।” इस कदम से संकेत मिला कि अधिकारी की त्वरित प्रतिक्रिया के साथ आम जनता के असली संकट का समाधान प्राथमिकता है।

जैसे ही उन्हें लगा कि सड़क पर ट्रैफिक पुलिस कर्मी नहीं हैं, वे तुरंत अपनी गाड़ी से उतरकर सड़क पर आ गए। इस दौरान उन्होंने सबसे पहले ट्रैफिक पुलिस कर्मी को फोन किया और गुस्से में पूछने लगे, “कहां पर हो? दो घंटे हो गए, यहां एम्बुलेंस फंसी हुई है।” उनकी এই भूमिका केवल राजनीतिक नेता की नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक की सक्रिय भागीदारी की भी मिसाल बनी। इस बयान के साथ कि मौजूदा परिस्थिति कितनी नाजुक है, कलसी ने मौके पर त्वरित निर्णय लेने की दिशा दिखाई।

इसके बाद उन्होंने और उनके स्टाफ ने खुद ही ट्रैफिक मैनजमेंट में कदम बढ़ाते हुए सड़क पर मोर्चा संभाल लिया। वे लोगों को आगे-पीछे करने, लाइन में गाड़ियों को व्यवस्थित करने और ambulances को रास्ता देने में जुट गए। कुछ ही मिनटों के भीतर ट्रैफिक कर्मी भी मौके पर पहुंच गए और विधायक की ओर सलाम दिखा। कलसी ने संकेत किया कि यह दो घंटे से जाम था, जबकि पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया कि दूसरी साइड भी जाम में है, हालांकि वह खुद भी उसी जाम का हिस्सा थे। इस घटना में स्पष्ट संदेश था कि स्थानीय नेतृत्व जमीन पर उतरकर समस्या का समाधान करने में सक्षम है और यह दिखाता है कि सार्वजनिक सेवा के प्रति उनका समर्पण कितना ऊँचा है।

यह घटना पंजाब के राजनीतिक-समाज में एक ऐसी मिसाल बनकर उभरी है जिसमें नेताओं की जमीन-पर-कार्यशैली और त्वरित निर्णय क्षमता सामाजिक सेवाओं की सच्ची पहचान बनती है। आम जनता के लिए यह संदेश साफ है कि अगर प्रशासन उच्चस्तर पर हो या नहीं, नीचे से धारा प्रवाह में राजनीति और प्रशासन के बीच संतुलन बनाकर आपात स्थितियों में तुरंत कदम उठाया जा सकता है। आगे भी ऐसे दृश्य-प्रकरण पंजाब में मीडिया के जरिये उजागर होते रहेंगे, जिससे सड़क-स्तर के समाधान की दिशा में समुदाय-आधारित नेतृत्व की अहमियत साबित होती है। अधिक जानकारी और अपडेट के लिए देखें AAP पंजाब आधिकारिक साइट और Punjab Police.

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