चंडीगढ़, 18 मार्च । राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस विधायकों द्वारा क्रास वोटिंग करने तथा वोट रद्द होने को लेकर छिड़ा विवाद गहरा हो गया है। कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने बुधवार को वोट क्रास करने वाले चार विधायकों के नाम जारी किए वहीं वोट रद्द होने के आरोपों को झेल रहे दो विधायकों ने चंडीगढ़ में कांग्रेस मुख्यालय के बाहर धरना दिया। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने धरना देने वाले दोनो विधायकों को वहां से उठाया।
कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्रास वोट करके निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल के पक्ष में मतदान किया। रोचक पहलू यह है कि हरियाणा मामलों के प्रभारी बीके हरिप्रसाद तथा पूर्व सीएम व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा खुद पोलिंग एजेंट थे, लेकिन पार्टी ने क्रॉस वोटिंग के आरोप में चार ही विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
बुधवार को बीके हरिप्रसाद ने नई दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस करके चार ‘बागी’ विधायकों नारायणगढ़ विधायक शैली चौधरी, सढ़ौरा विधायक रेणु बाला, पुन्हाना विधायक मोहम्मद इलियास व हथीन विधायक मोहम्मद इसराइल के नाम सार्वजनिक किए। हरिप्रसाद की ओर से चारों विधायकों के नाम हरियाणा की अनुशासन समिति के पास भी भेज दिए गए हैं।
अनुशासनात्मक कार्यवाही समिति के चेयरमैन धर्मपाल सिंह मलिक ने चारों विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए हैं। इन चुनावों में कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्रॉस वोट किया है, लेकिन पार्टी हाईकमान को पांचवें विधायक के विरूद्ध कोई ठोस सबूत नहीं मिला। जिसके चलते उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया। पूर्व सीएम व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी लगातार यह कह रहे हैं कि पांच विधायकों ने क्रॉस वोट किया।
कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने आरोप लगाए हैं कि चुनाव आयोग, भाजपा के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए भाजपा ने साम-दाम-दंड भेद सहित सभी तरह के हथकंडे अपनाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के चार विधायकों के वोट भी गलत तरीके से रद्द किए गए। प्रभारी ने कहा कि कांग्रेस के साथ दगा करने वाले विधायकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को क्रॉस वोटिंग के खिलाफ कांग्रेस के ही दो विधायक अपनी ही पार्टी के खिलाफ धरने पर बैठ गए। चंडीगढ़ के सेक्टर-9 स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने धरना दिया। धरने पर कुछ देर बाद ही नांगल-चौधरी विधायक मंजू चौधरी भी पहुंच गई। गोकुल सेतिया ने कहा कि कांग्रेस को उन विधायकों के नाम पब्लिक करने चाहिए, जिन्होंने पार्टी को धोखा दिया और क्रॉस वोटिंग की। उन्होंने उन विधायकों के नाम भी सार्वजनिक करने की मांग उठाई, जिनके वोट रद्द हुए हैं। धरने पर बैठे विधायकों को उठाने के लिए पूर्व सीएम व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने विधायकों को समझाया। इसी दौरान बीके हरिप्रसाद ने नई दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस करके चार विधायकों के नाम सार्वजनिक कर दिए। बाद में गोकुल सेतिया व मंजू चौधरी ने अपना धरना समाप्त कर दिया और वे विधानसभा पहुंचे। गोकुल सेतिया ने पार्टी के साथ गद्दारी करने वाले विधायकों को कांग्रेस से बाहर करने की मांग भी उठाई।
इस बीच चुनाव में क्रॉस वोटिंग के मामले में कांग्रेस की अनुशासन समिति के चेयरमैन धर्मपाल सिंह मलिक ने सख्त रुख अपनाते हुए चारों विधायकों – शैली चौधरी, रेणु बाला, मोहम्मद इलियास व मोहम्मद इसराइल शो-कॉज नोटिस जारी कर दिए हैं। मलिक ने स्पष्ट कहा कि पार्टी लाइन के खिलाफ जाने, दगा करने और अनुशासन तोड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।