यह कार्रवाई आम तौर पर यातायात शुरू होने से पहले सुबह 5:20 बजे से शुरू हुई, जिसका उद्देश्य भारी वाहनों द्वारा अंधेरे और तड़के का फायदा उठाकर किए जाने वाले उल्लंघनों को पकड़ना था। विभाग की संयुक्त टीम ने अलग-अलग चेक प्वाइंट्स पर भारी वाहनों की गहन जांच की।चेकिंग के दौरान कई टिपर और भारी वाहनों में सरकारी नियमों का उल्लंघन पाया गया। खासतौर पर बजरी, रेत आदि ढोने वाले कुछ टिपर “एक्सल लिफ्टिंग” करते मिले, जो न केवल भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग के नियमों के खिलाफ है, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा भी बनता है। टीम ने ऐसे वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए दो दिनों में करीब 9 लाख रुपये के चालान जारी किए।
आरटीओ सोना चंदेल ने स्पष्ट किया है कि आगे भी ऐसे नियमित अभियान चलाए जाएंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि सड़क सुरक्षा व परिवहन व्यवस्था को सुचारू रखा जा सके।