कैथल, 10 मार्च । जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) कार्यालय ने जिला प्रशासन के सहयोग से अवैध कॉलोनाइजेशन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए क्योड़क और कठवाड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही दो अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं डीटीपी प्रवीन कुमार स्वयं मौके पर मौजूद रहे।
डीटीपी प्रवीन कुमार ने मंगलवार काे बताया कि अर्बन एरिया क्योड़क के अंतर्गत आने वाली राजस्व संपदा क्योड़क और कठवाड़ में लगभग 6.5 एकड़ भूमि पर बिना विभागीय अनुमति के अवैध रूप से कॉलोनियां विकसित की जा रही थीं। विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीनों की सहायता से अवैध रूप से बनाई गई कच्ची-पक्की सड़कों और चारदीवारी को प्रारंभिक चरण में ही ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान एनफोर्समेंट शाखा के एसएचओ सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
उन्होंने बताया कि इससे पहले विभाग द्वारा एचडीआर एक्ट 1975 की विभिन्न धाराओं के तहत संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया। विभागीय आदेशों की अनदेखी और आवश्यक अनुमति न लेने के चलते जिला उपायुक्त से स्वीकृति प्राप्त करने के बाद यह ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
डीटीपी ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि सस्ते प्लॉट के लालच में आकर अवैध कॉलोनियों में अपनी मेहनत की कमाई निवेश न करें। किसी भी जमीन या प्लॉट को खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच संबंधित विभाग से अवश्य कर लें। उन्होंने प्रॉपर्टी डीलरों और भू-स्वामियों को भी सलाह दी कि वे सरकार की दीनदयाल हाउसिंग स्कीम या अन्य किफायती आवास योजनाओं के तहत लाइसेंस प्राप्त कर ही कॉलोनी विकसित करें।