जालंधर के वेस्ट हलके में 13 साल की बच्ची की हत्या के मामले पर मुख्यमंत्री भगवंत मान का पहला बयान सामने आया है। पटियाला में जरिया फाउंडेशन के कार्यक्रम के दौरान मान ने इस घटना को बेहद गम्भीर बताकर इसे हैवानियत की चरम सीमा कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपी को फांसी पर लटकाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे ताकि समाज में धारणा बनी रहे और जनता के ध्यान में रहते हुए त्वरित सजा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि न्याय प्रक्रिया को तेज किया जाएगा और यह मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाएगा ताकि आरोपी को जल्द से जल्द मौत की सजा मिल सके और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
मान ने घटना को आधुनिक समाज के लिहाज से अमानवीय करार दिया और पूछे कि ऐसे कृत्यों के पीछे किस तरह के दिमाग काम करते हैं। उन्होंने पुलिस को कड़ी धाराओं के साथ सख्त रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए और कहा कि कानून के अनुसार आरोपित के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह इस पूरे मामले पर शुरू से ही नजर बनाए हुए हैं और अनुचित घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सभी प्रशासनिक तंत्र सक्रिय रहेगा। साथ ही उन्होंने बताया कि इस मामले को तेज गति से निपटाने के लिए सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सुनवाई की व्यवस्था करेगी ताकि न केवल आरोपी को सजा मिले बल्कि समाज को एक संदेश भी मिले। कार्यक्रम के कारण मुख्यमंत्री का उस बच्ची के परिवार से मिलने का प्लान टल गया, और वह इस दुखद घड़ी में परिवार के साथ मौजूद रहना चाहते थे; अब परिवार की आर्थिक सहायता के लिए मां को सरकारी नौकरी दिए जाने की घोषणा भी की गई है और बच्ची के भाई की जालंधर स्थानांतरण की व्यवस्था कर दी गई है ताकि वह अपनी मां के साथ देहली-देखरेख में मदद कर सके।
22 नवंबर को हुए इस दुखद हादसे के पीछे की घटनाक्रम ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। पुलिस के अनुसार, वेस्ट हलके में बस चालक ने अपनी बेटी की सहेली की गला दबाकर हत्या कर दी, जिसे लेकर बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन भी हुए। इस मामले में ASI मंगत राम को पहले सस्पेंड किया गया और बाद में उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। साथ ही, पीसीआर ड्यूटी पर तैनात दो कर्मचारियों को भी निलंबित किया गया। अदालत ने इस मामले के आरोपित का 9 दिन का रिमांड मंजूर किया है ताकि पुलिस कानून की धाराओं के अनुसार आवश्यक पूछताछ और फॉरेंसिक जाँच कर सके। पुलिस की टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाने और परिवार से संपर्क रखने में तेजी दिखाई है, ताकि कानूनी प्रक्रिया बाधित न हो सके।
सरकार ने इस दुखद घटना के संदर्भ में कहा है कि दोषी को कड़ी सजा दिलाने के साथ-साथ पीड़ित परिवार को आवश्यक सहायता और सुरक्षा दी जाएगी। पुलिस और प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य यह है कि ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगे और आरोपी के साथ-साथ उसकी सहायता करने वालों तक पहुंचकर उन्हें भी कानूनी दायरे में लाया जाए। इस तरह के मामलों में त्वरित न्याय और राजनीतिक-प्रशासनिक एकजुटता जरूरी है ताकि समाज में नकारात्मक प्रवृत्तियों पर रोक लगे। अधिक जानकारी के लिए आप नीचे दिए गए आधिकारिक स्रोतों को देख सकते हैं: Punjab Government और विस्तृत मीडिया कवरेज के लिए Indian Express की वेबसाइट देखें.