मुख्य बिंदु
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है. जालंधर नगर निगम की जल सप्लाई और सीवरेज शाखा के क्लर्क करुण धीर को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया. आरोपी के घर से 2.72 लाख रुपए नकद बरामद हुए. यह गिरफ्तारी 2000 रुपए रिश्वत मांगने के मामले में हुई. शिकायत के आधार पर उसे रंगे हाथ पकड़ना संभव हुआ. मौके पर दो आबकारी गवाह भी मौजूद थे, बताया गया. आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत केस दर्ज किया गया. यह मामला प्रशासनिक अखंडता को लेकर कई सवाल खड़े करता है. विजिलेंस अधिकारियों ने साफ कहा कि पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड पर है. विभागीय सूत्रों के अनुसार यह जिला स्तर की एक बड़ी कार्रवाई है.
घटना की पृष्ठभूमि
राम नगर, जालंधर के निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई. शिकायतकर्ता दोआबा चौक के पास अहाता चलाते हैं. उसने आरोप लगाया कि धीर अवैध पानी कनेक्शन दिखाकर डराने लगा. वह कहता था कि गंदा पानी सीवरेज से निकलेगा और जुर्माना लगेगा. शिकायतकर्ता का कनेक्शन लगभग 15 वर्षों से वैध है. फिर भी धीर उसे लगातार रौब दिखाने लगा. वह छोटे-छोटे कामों के लिए रिश्वत मांगता था, कहा गया. बार-बार रिश्वत मांगना उसकी आदत बन चुकी थी. शिकायतकर्ता ने 2000 रुपए की मांग की पुष्टि की. उसने सभी बातचीत रिकॉर्ड कराए थे और पेश किया था.
जाँच प्रक्रिया और गिरफ्तारी
विजिलेंस ब्यूरो ने शिकायत की पुष्टि के बाद जाल बिछाया. जाल में दो सरकारी गवाह मौजूद रहने की पुष्टि थी. धीर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया. यह घटना सुरक्षा उपायों के अनुसार सत्यापित की गई. मौके पर आरोपी के पास से 2.72 लाख नकद मिले. मामले की पड़ताल के दौरान कई दस्तावेज मिल सकते थे. अब आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत केस दर्ज है. जालंधर विजिलेंस थाने ने प्राथमिकी दर्ज की है. पूछताछ के दौरान आरोपी ने कुछ असंगत जवाब दिए. आगे की जांच संपत्ति और आय के स्रोतों पर भी होगी.
नीतिगत प्रभाव और आगे की कार्रवाई
यह केस पंजाब में भ्रष्टाचार विरोधी कठोर उपायों के संदेश को मजबूत करता है. विजिलेंस ब्यूरो प्रदेश भर में ऐसी कार्रवाइयाँ कर रहा है. जालंधर टीम ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध शानदार सफलता का संदेश दिया. प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने के लिए यह कदम जरूरी है. शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई से भ्रष्ठाचार पर अंकुश संभव है. पारदर्शिता बढ़ाने के लिए प्रशासन ने कई प्रावधान लागू बनाए. यह प्रगति राज्य के नागरिकों के लिए आशा बनती है. आगे की जांच संपत्ति और आय के स्रोतों तक विस्तारित होगी. आरोपी की संपत्ति और लेनदेन की गहन निगरानी जारी रहेगी. अधिक जानकारी के लिए देखें Punjab Government और Central Vigilance Commission.
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