जालंधर नगर कीर्तन: 11 रूट बदले, संगत ने फूल बिछाए—जानें

पंजाब के गुरदासपुर से चला नगर कीर्तन जालंधर शहर में प्रवेश कर गया है। जालंधर के डिप्टी कमिश्नर (D.C.) डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने इसे गर्मजोशी से स्वागत किया। यह नगर कीर्तन कपूरथला से करतारपुर होते हुए देर रात करीब एक बजे जालंधर पहुँचा, जिसे शहर भर में सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के सख्त इंतजाम के बीच निकाला गया था। ट्रैफिक पुलिस ने इस आंदोलन के दौरान 11 मार्गों को डायवर्ट किया ताकि श्रद्धालुओं के साथ-साथ आम नागरिक को भी परेशानी कम हो और सुरक्षा के मद्देनजर मार्ग सुगम बना रहे। इसके अलावा प्रशासन ने स्कूलों और कॉलेजों में आधे दिन की छुट्टी की घोषणा भी कर दी ताकि बच्चों और युवाओं की यात्रा सुगम रहे और भीड़-भाड़ के समय स्कूल परिसर सुरक्षित रह सकें।

कर्तारपुर के गांव पत्तड़ कलां में हल्का विधायक बलकार सिंह, SSP जालंधर (देहाती) हरविंदर सिंह विर्क, एडिशनल डिप्टी कमिशनर (शहरी विकास) जसबीर सिंह और एडिशनल डिप्टी कमिशनर (ग्रामीण विकास) नवदीप कौर समेत भारी संख्या में संगत ने नगर कीर्तन के स्वागत में माथा ठेका और मार्ग के दोनों ओर फूल बिछाए। विधायक ने गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को मानवता की रक्षा का प्रेरक उदाहरण बताया और कहा कि गुरु साहिब का जीवन व दर्शन हर वर्ग के लोगों के लिए सद्भाव और इंसानियत का मार्ग प्रशस्त करते रहे हैं, जो दुनिया भर में सम्मान और प्रेरणा का स्रोत बने रहे हैं।

इस मौके पर विधायक बलकार सिंह ने कहा कि नौवें पातशाह गुरु तेग बहादुर जी ने धार्मिक अधिकारों के लिए जो बलिदान दिया, वह मानवता के लिए एक महती मिसाल है। उनके अनुसार गुरु साहिब का जीवन और दर्शन मानवता का मार्गदर्शन करते हैं, और आधुनिक समय में भी यही संदेश कायम है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में गुरु साहिब की 350वीं शहादत दिवस को एक सेवक के रूप में मनाने का उद्देश्य है ताकि स्थानीय-राष्ट्रीय स्तर पर लोगों को गुरु साहिब के महान जीवन, उनके शहादत और मानवता के संदेश के बारे में जागरूक किया जा सके, ताकि विश्व भर में लाखों लोग इससे प्रेरणा ले सकें। (यह मौका Guru Tegh Bahadur के इतिहास और जीवन के संदर्भ से भी जुड़ा है।)

नगर कीर्तन गुरदासपुर से श्री आनंदपुर साहिब के विश्राम स्थल की ओर बढ़ेगा और 22 नवंबर को वहीं पहुँचेगा। पंजाब सरकार 24 नवंबर को चंडीगढ़ के बाहर श्री आनंदपुर साहिब में विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित करेगी, ताकि गुरु साहिब के शहादती स्मृतियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा सके। सरकार ने साथ ही 23 से 25 नवंबर तक आनंदपुर साहिब में चल रहे शहीदी समागमों में संगत की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि धार्मिक-ऐतिहासिक कार्यक्रमों की गरिमा बनी रहे। फौरन आगे यह नगर कीर्तन गुरदासपुर के रास्ते से होते हुए कपूरथला चौक, पटेल चौक, बस्ती अड्डा चौक, भगवान वाल्मीकि चौक, डॉ. बी.आर. अंबेडकर चौक, गुरु नानक मिशन चौक, बी.एम.सी. चौक, लाडोवाली रोड, PAP चौक, रrama मन्दी चौक और हवेली प्वाइंट होते हुए फगवाड़ा के लिए रवाना होगा; गुरु नानक मिशन चौक पर नगर कीर्तन के लिए गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया जाएगा। इसके उपरांत यह यात्रा अगली मंजिल की ओर बढ़ेगी, जिसकी.rest पर 鈥- details के संदर्भ में पूजा-अर्चना और सत्कार की परंपराएं निभाई जाएंगी।

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