जालंधर: ग्रामीणों ने नशे पर नाकेबंदी, बाइक सवार हथियार सहित पकड़ा

जालंधर के पास दयालपुर क्षेत्र के ग्रामीण नशे के खिलाफ एकजुट

जालंधर के पास दयालपुर गांव के साथ लगते क्षेत्र में चार गाँव एक साथ सामने आए। नशे के बढ़ते कारोबार ने ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ा दी है। नशा तस्करी, अवैध बिक्री और चालाकी भरे इरादे ने समाज को जर्जर बना दिया है। चार गाँव की पंचायतें एकजुट होकर नाकाबंदी के लिए सहमत हो गईं। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार से जीविका और सुरक्षा दोनों खतरे में हैं। प्रशासन के अधिकारी कई बार आए, फिर भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों ने एकजुट होकर स्थानीय मार्गों पर नाकाबंदी लगाने का निर्णय लिया। यह कदम शांतिपूर्ण दिखा, पर असरदार परिणामों की उम्मीद भी जताई जा रही थी।

नाकाबंदी के दौरान क्या घटा

नाकाबंदी के दौरान चार युवकों को दो मोटरसाइकिलों पर रोक लिया गया। गांव की सीमाओं पर नजर रखने वाली चौकसी बढ़ी और आवाजाही रोक दी गई। एक युवक मौके से भागने में सफल रहा जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। दूसरी युवक के साथ तलाशी में धारदार हथियार और संदिग्ध वस्तुएं मिलीं। युवक गांव का नहीं था, यह दावा भी सामने आया कि वह दोस्त से मिलने आया था। उसे बंधक बनाकर ग्रामीण पुलिस के हवाले करने की तैयारी करने लगे। तलाशी के दौरान एक साथी मौके से निकल गया, जबकि दूसरा पकड़ लिया गया। पकड़े गए युवक की बाइक पर नंबर प्लेट नहीं थी, जो संदेह बढ़ाती रही।

ग्रामीणों की प्रतिक्रिया और प्रशासनिक अपेक्षाएं

ग्रामीणों ने कहा कि नशे के कारोबार से सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से पुलिस निगरानी, सुरक्षा चौकीयों की तैनाती और रात्री गश्त तेज करने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि शांतिपूर्ण कदम भी तब तक असफल रहते हैं जब तक ठोस कार्रवाई न हो। उच्च स्तर पर जागरूकता के लिए UNODC India ड्रग्स संसाधन भी उपयोगी हैं। युवक की गिरफ्तारी के बाद भी ऐसे मामलों में बातों से काम नहीं चलेगा। प्रशासन से चाहिए कि वह विस्तृत सूचना साझा करे ताकि लोग भरोसे के साथ सहयोग करें। स्थानीय पंचायतें सुरक्षा योजना बनाकर हर मार्ग पर निगरानी बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। यह घटनाक्रम एक चेतावनी है कि गांवों में सुरक्षा की डोर कसनी चाहिए।

आगे की राह और निष्कर्ष

आगे की कार्रवाई के लिए स्थानीय प्रशासन और पंचायतों के बीच स्पष्ट समन्वय जरूरी है। ग्रामीणों का मानना है कि शिकायतों को उठाने का यह आखिरी उपाय नहीं, बल्कि एक सतत अभियान होना चाहिए। पुलिस ने कहा कि मामले में संदिग्धों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर प्रशासन पर्याप्त भरोसा दे देगा, तो आगे सहयोग जारी रहेगा। यह मामला स्थानीय राजनीति से ऊपर उठकर समाज की सुरक्षा का सवाल बन गया है। हमारी टीम ने स्थानीय घटनाक्रम पर नजर रखना जारी रखा है ताकि सही जानकारी मिल सके। आम जनता से भी आग्रह है कि किसी प्रकार की हिंसा से बचें और शांतिपूर्ण तरीका अपनाएं। अंततः यह खबर नशे के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाने का एक मौका बन सकती है。

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