जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में सत्ता, न्याय और डिजिटल भविष्य पर वैश्विक विमर्श

जयपुर, 18 जनवरी । जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) के एक प्रमुख सत्र में सत्ता, न्याय और डिजिटल भविष्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का विमर्श देखने को मिला। देश-विदेश से आए लेखकों, कानून विशेषज्ञों, पत्रकारों और विचारकों ने बदलती दुनिया में लोकतंत्र, अधिकारों और तकनीक की भूमिका पर खुलकर विचार साझा किए। यह सत्र दर्शकों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि समकालीन वैश्विक चुनौतियों को समझने का अवसर भी बना।

वक्ताओं ने चर्चा के दौरान कहा कि आज के समय में सत्ता और न्याय की अवधारणाएं केवल राजनीतिक दायरों तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि डिजिटल तकनीक और सोशल मीडिया ने इन्हें नई दिशा दी है। डिजिटल प्लेटफॉर्म जहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बढ़ावा दे रहे हैं, वहीं निजता, डेटा सुरक्षा और फेक न्यूज़ जैसी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। इन मुद्दों पर संतुलन बनाए रखना भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत बताया गया।

न्याय व्यवस्था पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि तकनीक न्याय तक पहुंच को आसान बना सकती है, लेकिन इसके साथ नैतिकता और पारदर्शिता भी उतनी ही जरूरी है। कई विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल टूल्स के बढ़ते उपयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन्हें मानव मूल्यों के अनुरूप ढालना होगा।

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के इस सत्र में युवाओं और छात्रों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। श्रोताओं ने सवाल-जवाब के दौरान डिजिटल युग में नागरिक अधिकारों, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जवाबदेह शासन पर अपने विचार रखे। आयोजकों के अनुसार, इस तरह के विमर्श का उद्देश्य केवल साहित्य तक सीमित न रहकर समाज और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सार्थक संवाद स्थापित करना है।

हर वर्ष की तरह इस बार भी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल ने विचारों के आदान-प्रदान का एक सशक्त मंच प्रदान किया, जहां साहित्य, कानून, राजनीति और तकनीक एक साथ संवाद करती नजर आईं।