धर्मशाला, 30 जनवरी । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शुक्रवार को धर्मशाला ब्लाक कांग्रेस की ओर से गांधी वाटिका में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मनरेगा का नाम बदलने के साथ योजना में किए गए संशोधनों पर विरोध जताया गया। पिछले करीब डेढ़ माह से प्रदेश भर में पंचायत स्तर पर मनरेगा बचाओ संग्राम चलाया जा रहा है।
कांग्रेस नेता देवेंद्र जग्गी ने कहा कि प्रदर्शन के माध्यम से केंद्र सरकार को यही संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि मनरेगा से की गई छेड़छाड़ न की जाए।
जग्गी ने कहा कि वर्ष 2005 में ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करने के लिए मनरेगा को शुरू किया गया था। जिससे लोगों को गांवों में रोजगार मिलने के साथ अन्य राज्यों में पलायन रुका था। पहले मनरेगा के तहत विभिन्न कार्यों के सेल्फ बनते थे, लेकिन अब केंद्र सरकार तय करेगी कि कौन सा कार्य कहां होना है, मनरेगा के स्वरूप में बदलाव सहन नहीं किया जाएगा। ग्रामसभा, पंचायत प्रधानों की शक्तियों को कम किया गया है। पहले मनरेगा में श्रमिक, पंचायत के अधीन काम करते थे, जबकि अब संशोधन होने से ठेकेदारों द्वारा कार्य करवाए जाएंगे और मनरेगा श्रमिक उनके अधीन काम करेंगे। मनरेगा, ग्रामीण युवाओं को रोजगार की गारंटी और ग्रामीण आर्थिकी को सुदृढ़ करने का साधन था।
प्रदर्शन उपरांत एसडीएम धर्मशाला के माध्यम से देश की राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर, मनरेगा का नाम न बदला जाए, इसको लेकर हस्तक्षेप की मांग की गई।